गुमला

Gumla : खून से लाल हो रही काली सड़कें, गुमला में नौ महीने में 186 लोगों की मौत

Gumla : गुमला जिले की सड़कें अब ‘मौत की राह’ बनती जा रही हैं. हर एक-दो दिन में हादसे हो रहे हैं और काली सड़कें खून से लाल हो रही है. गुमला में जिस प्रकार हादसे हो रहे हैं. यह भयावह है और चिंता की बात है. जनवरी माह से सितंबर 2025 तक जिले में 204 सड़क दुर्घटनाएं हुई है. जिसमें 186 लोगों की हृदयविदारक मृत्यु हो चुकी है. जबकि 76 लोग घायल हुए हैं. इस भयावह मृत्यु दर को देखते हुए गुमला जिला प्रशासन ने आखिरकार कड़ा रुख अपना लिया है. उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एसडीओ राजीव नीरज व डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में मृत्यु के प्रमुख स्थल (ब्लैक स्पॉट) करमडीपा पर सघन जांच अभियान चलाया गया.

मौत को देख प्रशासन हुआ सख्त

गुमला में तेजी से बढ़ती दुर्घटनाओं और प्रत्येक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के आंकड़े ने जिला प्रशासन को सख्ती बरतने पर मजबूर कर दिया है. अभियान का मुख्य लक्ष्य उन चालकों को नियंत्रित करना था जो लापरवाही से लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं. नियम तोड़ने वाले 200 से अधिक लोगों को जागरूकता के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा. इस दौरान दो लाख 52 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया.

‘हेलमेट सीट बेल्ट नहीं, तो मौत को दावत : डीटीटो

डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि अभियान का मुख्य फोकस सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं. बल्कि सड़क पर हो रही मौतों को तत्काल शून्य पर लाना है. जांच में उन उल्लंघनों पर विशेष ध्यान दिया गया जो सीधे तौर पर मौत का कारण बनते हैं. बिना हेलमेट दोपहिया वाहन और बिना सीट बेल्ट चार पहिया वाहन के वाहन चलाने पर एक हज़ार रुपये लिया गया. टेंपो/पिकअप में क्षमता से अधिक व्यक्तियों या सामान ले जाने पर प्रति व्यक्ति 200 रुपये और अन्य धाराओं में जुर्माना लगाया गया. नियमों की अनदेखी में दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ट्रिपल राइडिंग और अमान्य कागज़ात पर वाहन चलाने पर जुर्माना जुर्माना लगाया गया. बिना वैध लाइसेंस के चलने वाले स्कार्पियो वाहन पर भी 7000 का जुर्माना किया गया.

जिंदा रहना है तो हेलमेट पहनकर निकले : एसडीओ

एसडीओ राजीव नीरज ने यातायात नियम के विरुद्ध गाड़ी चलाने वाले चालकों को 186 मौतों के आंकड़े का हवाला देते हुए व्यक्तिगत रूप से लापरवाही के गंभीर और जानलेवा परिणामों के बारे में समझाया. उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी. एसडीओ ने कहा कि आपकी जिंदगी बहुमूल्य है. इसे तेज रफ्तार गाड़ी चलाकर न गंवाये. आप गाड़ी में सुरक्षित चले. दूसरों को भी सुरक्षित चलने के लिए कहे. घर से जब भी बाइक लेकर निकले. हेलमेट पहनकर निकले. सघन जांच में मोटरयान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह, गुमला थाना प्रभारी महेंद्र करमाली, सीओ हरीश कुमार, डीटीओ कार्यालय के कर्मी और पुलिस बल प्रमुख रूप से मौजूद थे. अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और भी कठोर कानूनी कदम उठाये जायेंगे. ताकि जिले में हो रही मौतों पर तत्काल लगाम लगायी जा सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *