Gumla : ख्रीस्त जयंती हमें महान आशा का संदेश देती है, बोले बिशप
Gumla : संत पात्रिक महागिरजाघर गुमला में क्रिसमस पर्व को लेकर रात्रि मिस्सा पूजा हुआ. गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप लीनुस पिंगल एक्का की अगुवाई में मिस्सा अनुष्ठान हुआ. पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का, संत इग्नासियुस के रेक्टर फादर फ्लोरेंस कुजूर व डोन बॉस्को के एचएम फादर वीरेंद्र सहायक के रूप में थे. मिस्सा पूजा के बाद ख्रीस्त विश्वासियों को बालक यीशु का चुंबन कराया गया.
मौके पर बिशप ने कहा कि आज सारा विश्व ख्रीस्त जन्मोत्सव मना रहा है. आज की रात हर मानव के लिए विशेष मायने रखती है. क्योंकि आज की रात को ईश्वर द्वारा मानव जाति से की हुई प्रतिज्ञा पूरी हुई थी. आज की रात को मानव जाति की सदियों की प्रतिक्षा का अंत हुआ था. आज की रात ईश्वर ने अपने प्रेम का सबसे उत्तम प्रमाण बालक यीशु के रूप में हमें दिया. ईश्वर होते हुए भी यीशु अपनी ईश्वरीय वैभव को त्याग कर हमारा मानव स्वभाव अपनाया. वे निरीह बालक बनकर हमारे बीच आये और हमसे अपनत्व जताया. यह सारे मानव जाति के लिए खुशी की बात है. इसलिए सारा विश्व पूरे हर्षोल्लास से ख्रीस्त का जन्मोत्सव मना रहा है.
बिशप ने कहा कि मनुष्य जिसकी सृष्टि ईश्वर को प्रेम करने, उनकी आराधना करने एवं उनके सृजन कार्य में सहयोग करने के लिए हुई थी. बिशप ने कहा कि ख्रीस्त जयंती हमें महान आशा का संदेश देती है. ईश्वर की तरफ से यह एक चिन्ह है कि वे हमें कितना प्यार करते हैं और प्रभु ख्रीस्त द्वारा अपने पुत्र-पुत्रियां बनाने के लिए आतुर हैं. जिससे हम ईश्वरीय जीवन में भाग ले सके. ख्रीस्त जयंती हमें अहसास दिलाती है कि हमारे अविश्वास एवं त्रुटियों के बावजूद ईश्वर अपनी प्रतिज्ञा से मुकरते नहीं, बल्कि अपनी प्रतिज्ञा के प्रति वफादार रहते हैं. प्रभु मानवों के हृदय में बसे अंधकार को दूर करते हैं और उसकी विकृत मनोस्थिति को एक नया रूप देते हैं और इस प्रकार उसे ईश्वर का मार्ग दिखाते हैं.
