Gumla : मांझाटोली में कार्तिक जतरा 29 व 30 दिसंबर को
Gumla : पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा है कि आगामी 29 व 30 दिसंबर को विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर झररखंड व छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती में कार्तिक जतरा का आयोजन किया गया है. 29 दिसंबर को उदघाटन होगा और 30 दिसंबर को समापन होगा. समापन के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित झारखंड, ओड़िशा व छत्तीसगढ़ राज्य के सीएम व केंद्रीय मंत्री रहेंगे. इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद आदिवासी परंपरा को जीवित रखने के लिए आदिवासी समागम होगा. साथ ही मांझाटोली में पंखराज साहब कार्तिक उरांव आदिवासी शक्ति स्वायतशासी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग रखी जायेगी. विवि की मांग वर्ष 2010 से हो रही है. उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम की तैयारी जोर शोर से चल रही है. प्रशासन के लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं. कार्यक्रम भव्य होगा. लाखों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है.
प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियां तेज
30 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गुमला जिला आगमन के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूर्णतः सतर्क एवं प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटा हुआ है. राष्ट्रपति के आगमन, सुरक्षित आवागमन एवं कार्यक्रम के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक, सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल स्तर पर समन्वित कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित एवं पुलिस अधीक्षक हरीश बिन ज़मां के नेतृत्व में जिले के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले अंतर्गत हवाई पट्टी का संयुक्त निरीक्षण किया गया. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति का आगमन हेलीकॉप्टर के माध्यम से उक्त हवाई पट्टी से गुमला जिले में संभावित है.
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की संभावित सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए अंतरराज्यीय समन्वय एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान गुमला–जशपुर अंतर राज्यीय सीमा क्षेत्र में ही दोनों जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के बीच स्थल पर ही उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित करते हुए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. इस अवसर पर जशपुर उपायुक्त रोहित व्यास एवं पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के साथ सीमा क्षेत्र की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, हवाई आवागमन, रूट प्लानिंग, फोर्स डिप्लॉयमेंट, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली एवं समग्र सुरक्षा योजना पर बिंदुवार चर्चा की गयी. दोनों जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया कि राष्ट्रपति आगमन के दौरान सीमा क्षेत्र से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा की त्रिस्तरीय व्यवस्था पूर्णतः प्रभावी रहे.
