Gumla : जबतक हम पढ़ेंगे लिखेंगे नहीं, तब तक आगे नहीं बढ़ पायेंगे, बोले डॉ तेतरू
Gumla : आदिवासी सरना समाज उत्थान एवं सुरक्षा संगठन के तत्वावधान में सामाजिक मिलन समारोह सह पिकनिक का आयोजन कुड़ुख भाषा एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान केंद्र बम्हनी गुमला के परिसर में किया गया. सबसे पहले सामूहिक अना आदि प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. संगठन के अध्यक्ष मीना उरांव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. सदस्य लाल उरांव ने संगठन की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि अभी तक संगठन ने दो गरीब छात्रों को गोद लेकर पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया, और वे आज नौकरी कर रहे हैं. इसके अलावा एक छात्र को इंजीनियर की पढ़ाई के लिए कोचिंग की खर्च वहन कर रही है. इस तरह से इसका कार्य लगातार लोगों के सक्रिय रूप से कार्य कर रही है. समाज में जागरूकता लाने का कार्य कर रही है.
प्रद्युमन भगत ने भी संगठन के उद्देश्यों को बताये. मौके पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें कुड़ुख शब्दावली, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, सरना भजन गीत प्रतियोगिता हुआ. सभी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान आने वाले को संगठन की ओर से सम्मानित किया गया. वहीं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य जैसे नौकरी, व्यापार या अन्य क्षेत्र में कार्य करने वालों को भी संगठन की ओर से सम्मानित किया गया. हजारीबाग के राज्य कर आयुक्त विनोद कुमार मिंज ने 25 दिसंबर को सामाजिक मिलन समारोह का पिकनिक करने के उद्देश्य के बारे में बताये. संगठन के सचिव डॉ तेतरू उरांव ने धन्यवाद दिया और बताया कि यह संगठन लगातार समाज के लोगों के बीच सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम चला रही है. ताकि सरना समाज के लोग उठ सके और अपने पैर में खड़ा हो सके। साथ ही हमें लिखने और पढ़ने पर जोर दिये. जबतक हम पढ़ेंगे लिखेंगे नहीं. तब तक आगे नहीं बढ़ पायेंगे. यदि हम अपनी मातृभाषा नहीं बोलेंगे तो “अबकी बिछड़े तो किताबों में मिलेंगे” ऐसी हालत हमारी हो जायेगी.
गुलाब चंद उरांव कोषागार पदाधिकारी व बीरेंद्र किंडो बीडीओ कोलेबिरा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष बुद्धू टोप्पो, भुखला उरांव, कमल उरांव, महावीर उरांव, विश्वनाथ उरांव, शिवनंदन उरांव, मैनेजर भगत, हितेश्वर भगत विनोद मिंज, महेंद्र उरांव, कमला उराव, सुनीता उरांव, सोनो उरांव, फुलमनी उरांव, संत प्रकाश भगत, बिजला उरांव, सुनीता उरांव, महाद्वीप कच्छप, बिरसाई उरांव के अलावा कई लोग शामिल हुए.
