गुमला

Gumla : चार साहिबजादों का शहीदी दिवस मनाया गया

Gumla : गुमला में गुरु गोविंद सिंह के दो छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह (9 वर्ष) एवं साहिबजादा फतेह सिंह (7 वर्ष) के शहीदी दिवस पर शुक्रवार को श्रद्धा व भक्ति के साथ प्रभात फेरी निकाली गयी. सिमरन और कीर्तन का आयोजन किया गया. पालकोट रोड गुरुद्वारा से प्रभात फेरी का शुभारंभ हुआ. नम आंखों और श्रद्धालु मन से संगत ने “वाहेगुरु… वाहेगुरु…” का सिमरन करते हुए नगर भ्रमण किया. प्रभात फेरी मेन रोड होते हुए जशपुर रोड गुरुद्वारा में संपन्न हुई. जहां सरबत के भले की अरदास की गयी. गुमला की सभी सिख संगत एवं अन्य धर्मावलंबियों सहित अनेक प्रबुद्ध लोगों ने इस प्रभातफेरी में भाग लिया. गुरुद्वारा में गुरु ग्रंथ साहिब के सहज पाठ की समाप्ति के उपरांत संगत के लिए नाश्ता लंगर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन की अगुआई में संपन्न हुई. गुरुद्वारा पालकोट रोड में कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया. जहां सभी सिख संगत एवं श्रद्धालुओं द्वारा शबद कीर्तन के साथ गुरु के साहिबजादों की शहीदी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी.

शहीदी का संक्षिप्त इतिहास

गुरुद्वारा प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि सिख इतिहास के अनुसार सन् 1705 ई में सरहिंद के नवाब वज़ीर ख़ान के आदेश पर साहिबजादों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया. परंतु उन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान स्वीकार किया. इस अटूट आस्था और साहस के कारण उन्हें दीवार में जीवित चिनवा दिया गया. उनका यह अद्वितीय बलिदान मानवता, धर्म और सत्य के प्रति अडिग संकल्प का प्रतीक है. इन्हीं वीर बाल शहीदों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को “वीर बाल दिवस” मनाया जाता है.

कार्यक्रम में उपस्थित लोग

कार्यक्रम में समाजसेवी विनय कुमार लाल, सविंद्र सिंह, गुरुद्वारा प्रधान महेंद्र सिंह, भाई जरनैल सिंह, हरमीत सिंह, सन्टी सिंह, गुरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, जसबीर सिंह, दिलदार सिंह, सुरेंद्र सिंह, कमलेश कौर, हेमा कौर, हरजीत कौर, जसवंत कौर, सहित कई लोग थे.

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