Anjan Dham Gumla: आंजनधाम को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल है “एक शाम आंजनधाम महोत्सव”
Anjan Dham Gumla: आगामी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद के जन्मोत्सव राष्ट्रीय युवा दिवस पर आंजनधाम में आयोजित होने वाले चतुर्थ “एक शाम आंजनधाम महोत्सव” के सफल आयोजन हेतु मंगलवार को आंजनधाम में महोत्सव के पदाधिकारियों एवं समिति सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता महोत्सव के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिषविद् पंडित दिवाकर पाठक ने की. बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 12 जनवरी 2026 का कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्य एवं धूमधाम से आयोजित किया जायेगा. पंडित दिवाकर पाठक ने कहा कि आंजनधाम को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से प्रत्येक वर्ष युवा दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाने वाला यह महोत्सव युवाओं को ऊर्जा, विचार, एकता एवं सामाजिक-सनातन मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. यह महोत्सव हम सभी के सामूहिक प्रयासों से लगातार पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक आयोजित होता आ रहा है. इस वर्ष यह आयोजन अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है. प्रत्येक वर्ष यह आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने तथा सनातन संस्कृति को एक मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन रहा है.
राष्ट्रीय संयोजक मुकेश कुमार सिंह ‘पप्पू’ ने कहा कि आइए, हम सभी मिलकर एक बार फिर युवा शक्ति का परिचय दें और इस चौथे वर्ष के युवा महोत्सव को ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक बनायें. राष्ट्रीय संयोजक अरविंद मिश्रा ने कहा कि रामरेखा से लेकर नेतरहाट तक गुमला-लोहरदगा-सिमडेगा क्षेत्र में स्थित रामरेखा धाम, टांगीनाथ धाम, सीरासीता धाम, हीरादह, पालकोट दशभुजा मंदिर, देवगांव गुफा, केतुका धाम, महादेव मुंडा (बसिया), बाणपुर शिव मंदिर (कामडारा), आमटोली पहाड़गांव शिव मंदिर, कमलेश्वर धाम (भरनो), नवरत्नगढ़ कपिलनाथ मंदिर, चिरैयानाथ मंदिर, जगन्नाथ मंदिर (नागफेनी), अखिलेश्वर धाम, खकपरता शिव मंदिर, कोराम्बे जगन्नाथ मंदिर, चंदवा गढ़गांव, हापा मुनि महामाया मंदिर, पाँच पांडव पहाड़, बर महादेव, रंगनाथ मंदिर, वासुदेव कोना शिव मंदिर आदि धार्मिक-पौराणिक स्थल आदिकाल से यहां के आदिवासी, असुर जाति, वनवासी एवं मूल निवासियों की सभ्यता-संस्कृति एवं प्राचीन मान्यताओं को दर्शाते हैं. इन सभी धार्मिक-पौराणिक स्थलों की प्रसिद्धि एवं ख्याति के माध्यम से आंजनधाम को वैश्विक पहचान दिलाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है. बैठक को विश्व हिंदू परिषद के केशवचंद्र साय, अभय महतो, उदय मुखर्जी, मनीष राजगढ़िया सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी सनातनियों से एक मंच पर आने की अपील की.
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री प्रभु राज सिंह ने कहा कि यह महोत्सव तीन दिवसीय होगा. जिसमें आंजनधाम का भव्य पूजन काशी के आचार्यों द्वारा किया जायेगा. साथ ही संगीतमय सुंदरकांड पाठ, आंजनधाम के सभी भक्तों द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, हनुमान की भव्य आरती, भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जायेगा. बैठक का संचालन राष्ट्रीय संयोजक अरविंद मिश्रा ने किया. मौके पर नागफेनी मंदिर के पुजारी सुशील कुमार पंडा, बिरजू सिंह, केशवचंद्र साय, रोहित कुमार अग्रवाल, आशुतोष द्विवेदी, राजेश सिंह, प्रभु राज सिंह, मलकू नायक, जितवाहन चीक बड़ाइक, सत्यनारायण ठाकुर, संजय महतो, किशुन नायक, मनीष कुमार, रामकुमार महतो, मुकेश कुमार सिंह, पुरुषोत्तम मणि पाठक, लीलू गोप, उर्मिला देवी, बीके राजमति, उदय चंद्र मुखर्जी, श्रीदेव सिंह सहित अन्य भक्तगण उपस्थित थे.
