Gumla News : मनरेगा में बदलाव योजना में सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीणों के काम, सम्मान और पंचायतों का अधिकार छिनने की साजिश, बोले सुखदेव भगत
Gumla News : मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून) में बदलाव योजना में सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत से काम, सम्मान और पंचायतों का अधिकार छिनने की साजिश है. मनरेगा योजना में बदलाव के नाम पर केंद्र सरकार अपने हिस्से में 40 प्रतिशत कटौती कर रहा है. ऐसा होने पर मजदूरों को पहले से भी कम काम मिलेगा. उक्त बातें सांसद सुखदेव भगत ने शनिवार को सर्किट हाउस गुमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में बदलाव के बाद 125 दिन रोजगार देने का दावा कर रही है. जो पूरी तरह से भ्रामक है. केंद्र सरकार यदि 40 प्रतिशत कटौती कर लेती है तो वह मजदूरों को रोजगार कहां से देगी. कांग्रेस मनरेगा में बदलाव का विरोध करता है.
सांसद ने कहा कि यह देश गांधी का देश है. 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की हत्या की और 18 दिसंबर 2025 को गांधी जी के नाम की हत्या मोदी सरकार ने की. मनरेगा के नाम में बदलाव सिर्फ गांधी जी के नाम की हत्या नहीं, बल्कि मजदूरों के रोजगार की गारंटी और उनका अधिकार था. उसकी भी हत्या की गयी है. 2005 में मनरेगा कानून को लागू किया गया. जिसके तहत गांव के लोग ही गांव के लिए योजना का चुनाव करते थे. मनरेगा कानून मांग पर आधारित था. लेकिन केंद्र सरकार इसपर बदलाव करते हुए आपूर्ति आधारित बना रहा है. साथ ही अब केंद्र निर्धारित करेगा कि गांव में कौन सी योजना चलेगी. सांसद ने कहा कि मोदी जी ने विदेश में कहा था कि भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मनरेगा कानून है. लेकिन अब उसी कानून पर बुल्डोजर चढ़ा दिया गया है. मनरेगा से हर साल करोड़ों मजदूरों को काम मिल रहा है. गांव-गांव में विकास का काम हो रहा है. लेकिन अब मोदी सरकार मनरेगा को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं.
इसके विरोध में कांग्रेस द्वारा पांच जनवरी को मनरेगा बचाओ अभियान रैली का आयोजन किया गया है. अभियान के तहत रांची मोरहाबादी बापू वाटिका गांधी प्रतिमा से लोक भवन (राजभवन) तक पदयात्रा निकाली जायेगी. मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा, रमेश कुमार चीनी, दीपनारायण उरांव, अकील रहमान, आशिक अंसारी, रोहित उरांव, जय सिंह, शनि राम, मोहम्मद आजाद, अरूण गुप्ता सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद थे.
