Sisai : बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या व बर्बरता के खिलाफ बंद रहा सिसई
Sisai : बांग्लादेश में हिंदुओं की निर्मम हत्या और हो रही बर्बरता के खिलाफ हिंदू समाज द्वारा सोमवार को सिसई प्रखंड बंद रखा गया. बांग्लादेश में हिंदुओं की निर्मम हत्या व अत्याचार के खिलाफ लोगों ने अपनी-अपनी दुकानों बंद रखकर बंद का समर्थन किया. सभी दुकानों पर ताला लटका रहा. इस दौरान ही हिंदू समाज के लोगों द्वारा सिसई में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गयी. रैली में लोगों ने बांग्लादेश के विरूद्ध अपना आक्रोश का प्रदर्शन किया. रैली में हजारों की संख्या में शामिल महिला-पुरुष व युवक-युवतियां अपने हाथों में भगवा झंडा व स्लोगन लिखी तख्तियां थामे हुए थे और बांग्लादेशी भारत छोड़ो, सिसई छोड़ो-सिसई छोड़ो, जातपात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई, मोदी तुम आगे बढ़ो-बंग्लादेश में ऑपरेशन हिंदू चलाओ, हम तुम्हारे साथ हैं, देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को, जय श्रीराम, बंदे मातरम, भारत माता की जय जैसे नारा लगाते हुए चल रहे थे. इस दौरान रैली का नेतृत्व मुकेश श्रीवास्तव उर्फ डेविड व रोहित शर्मा ने किया.
रैली के बाद सिसई मेन रोड चौराहा में बांग्लादेश सरकार का विशाल पुतला का दहन के पश्चात प्रखंड कार्यालय परिसर में सभा किया गया. मौके पर हिंदू जागरण मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजातशत्रु ऋषि नाथ सहदेव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे हमलों और अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है. यह समय जातपात की विदाई कर एकजुट होने का है. उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने और बांग्लादेश के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की भारत सरकार से अपील की. संजय वर्मा ने कहा हजारों की संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये बनकर भारत में रह रहे हैं और यहां का अनाज खा रहे हैं. लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है.
बांग्लादेशी सरकार के संरक्षण में एक महीने में दीपू चंद्र दास सहित पांच हिंदुओ की निर्मम हत्या कर दी गयी. भारत सरकार बांग्लादेश से सारा रिस्ता तोड़कर कठोर कारवाई करे. वहीं कार्यक्रम के अंत में बीडीओ रमेश कुमार यादव व सीओ अशोक बड़ाइक को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों पर ध्यान आकर्षित करने की मांग की गयी. हिंदू समाज के इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व विधि व्यवस्था को लेकर थानेदार संतोष कुमार सिंह दलबल के साथ मुस्तैद रहे.
