Gumla : उपायुक्त ने पैदल चलकर कड़ांग गांव का किया दौरा
Gumla : उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित रायडीह प्रखंड के जरजट्टा पंचायत स्थित राजस्व ग्राम कड़ांग पहुंची. गांव पहुंचने के लिए उपायुक्त को पैदल चलनी पड़ी. गांव पहुंच समस्याओं से अवगत हुई. कई समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया. दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गांव तक पहुंचने के लिए उपायुक्त द्वारा लगभग दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय की गयी. यह पहली बार था. जब किसी उपायुक्त ने इस गांव तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया. लगभग 235 की आबादी वाले इस गांव में पहुंचकर उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित कठिनाइयों की जानकारी दी गयी.
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रोजेक्ट द्वार का उद्देश्य यही है कि प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचे. लोगों को योजनाओं का लाभ कैंप के माध्यम से उपलब्ध कराये और किसी भी नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. सड़क की समस्या को लेकर उपायुक्त ने बताया कि कोजांग से कड़ांग वाया ढौटाटोली तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सर्वे कराया जा रहा है. साथ ही तत्काल आवागमन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा के तहत अस्थायी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भेलवाडीह से सान्याकोना वाया कोजांग-खुटियारी तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त हो चुकी है. जिसका टेंडर पूर्ण कर लिया गया है और अप्रैल 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है. इसके अतिरिक्त नवागढ़ से वासुदेव कोना तक 3.10 किलोमीटर सड़क का निर्माण एमएमजीएसएसवाइ के तहत तथा वासुदेव कोना से भेलवाडीह प्राथमिक विद्यालय तक 4.50 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जा रहा है. जिसे अप्रैल माह तक पूर्ण किये जाने की संभावना है. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत सड़क कार्य आगामी तीन माह के भीतर प्रारंभ हो जायेंगे.
गर्भवती किसी प्रकार का जोखिम न ले
स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विशेष ध्यान देते हुए उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे आठवें माह के अंत या नौवें माह से पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय से आ जाएं. जिससे किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे. उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की जायेगी. संबंधित परिवारों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार और मजदूरी भी उपलब्ध करायी जायेगी. जब तक स्थायी सड़क निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता. तब तक मनरेगा के माध्यम से एंबुलेंस आवागमन योग्य मार्ग बनाने के निर्देश भी दिये गये.
स्कूल की पेयजल समस्या दूर होगी
विद्यालयों के निरीक्षण के क्रम में भूरघाटी विद्यालय में पेयजल की समस्या को दूर करने का निर्देश दिया गया. प्राथमिक विद्यालय के पक्कीकरण की आवश्यकता पर भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु कहा गया. आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की मांग पर समाज कल्याण पदाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया. वैक्सीनेशन को लेकर जानकारी लेते हुए उपायुक्त ने एएनएम को नियमित रूप से गांव में आने तथा प्रत्येक माह एक निर्धारित सोमवार को भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
अनाथ बच्चे को स्पॉन्सरशिप योजना का मिलेगा लाभ
ग्रामीणों द्वारा बिजली कनेक्शन की मांग तथा पंचायत भवन क्षेत्र में नेटवर्क कवरेज की समस्या से अवगत कराये जाने पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही. कृषि कार्यों के लिए पंपसेट की मांग पर भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. एक अनाथ बच्चे को चाइल्ड स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ देने की घोषणा भी की गयी. दौरे के दौरान उपायुक्त ने बच्चों एवं अभिभावकों को स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को नियमित रूप से चप्पल पहनने की सलाह दी. इस दौरान जिन बच्चों के पास चप्पल नहीं थी. उनके बीच उपायुक्त द्वारा स्वयं चप्पल का वितरण किया गया. साथ ही उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षित होना आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त माध्यम है.
78 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गयी
स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर 78 लोगों की जांच की गयी एवं निःशुल्क दवाएं वितरित की गयी. उपायुक्त द्वारा स्वयं मूंगा (सहजन) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं पोषण संवर्धन का संदेश दिया गया. साथ ही ग्रामीणों के बीच 30 से अधिक सहजन के पौधों का वितरण करते हुए उनके नियमित सेवन हेतु प्रेरित किया गया एवं सहजन के स्वास्थ्यवर्धक गुणों और पोषण लाभों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया. मौके पर निदेशक डीआरडीए, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी रायडीह, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
