Gumla : गांव में सड़क नहीं, स्कूटी बनी एंबुलेंस, युवक की मौत
Gumla : सड़क नहीं रहने के कारण आदिम जनजाति कोरवा युवक की मौत हो गयी. हादसे में घायल 40 साल के बुतरु कोरबा को स्कूटी से मुख्य सड़क तक लाने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया. स्थिति गंभीर थी. डॉक्टरों ने रांची रेफर कर दिया. गरीबी व लाचारी के कारण परिवार घायल बुतरू को रांची नहीं ले जा सके. जिस कारण उसकी मौत हो गयी.
मामला गुमला जिले के हरिनाखाड़ गांव की है. शनिवार को वह फुटकल काटने के दौरान पेड़ से गिरकर घायल हो गया था. डाली उसके ऊपर गिर गया था. मौके पर ही बेहोश हो गया. गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों और परिजनों ने उसे स्कूटी के सहारे गांव से मुख्य सड़क तक लाया. इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें शनिवार दिन के 2.00 बजे सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रिम्स रांची रेफर कर दिया. लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिजन उन्हें रांची नहीं ले जा सके और गुमला में ही इलाज कराने की गुहार लगाते रहे. परिवार की हालत और भी दयनीय है.
बुतरु कोरवा की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है. उनके तीन बेटों में दो बाहर मजदूरी करते हैं. जबकि घर पर केवल पांच साल का छोटा बेटा उनके साथ रहता है. सदर अस्पताल में इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी.
