Bishunpur : गुमला के बिशुनपुर में एसीबी के खिलाफ कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा
Bishunpur : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची द्वारा बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत सेरका पंचायत की पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को आठ हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी मामले में एक नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता द्वारा किसी काम को कराने के एवज में पंचायत सचिव को रुपये से भरा लिफाफा देने का प्रयास किया गया. लेकिन पंचायत सचिव ने लिफाफा लेने से इंकार कर दिया. लेकिन एसीबी टीम की महिला सदस्यों द्वारा पंचायत सचिव को जबरन लिफाफा थमाकर और उसके हाथ को केमिकल में डालकर गिरफ्तार किया गया. इस बात का खुलासा शुक्रवार को कर्मचारी संघ के सदस्य जितेंद्र भगत ने की.
श्री भगत ने बताया कि गुरुवार को एसीबी की टीम बिशुनपुर प्रखंड कार्यालय पहुंची थी. उसी दौरान परमेश्वर सिंह नामक एक व्यक्ति द्वारा सेरका पंचायत की सचिव किरण कुसुम खलखो को रुपए का लिफाफा देने का प्रयास किया गया. लेकिन उन्होंने लिफाफा लेने से मना कर दिया. श्री भगत ने बताया कि सचिव द्वारा लिफाफा नहीं लिये जाने के बाद एसीबी टीम में शामिल दो महिला कर्मियों ने उन्हें पकड़कर उनके हाथ में रुपए थमा दिये. इसके बाद उनके हाथ को केमिकल मिले पानी में डुबोकर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं एसीबी का कहना है कि लाभुक के शिकायत के आधार पर योजना बनाकर कार्रवाई की गयी है. पंचायत सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है.
कर्मचारी संघ ने गिरफ्तारी पर जतायी आपत्ति, निष्पक्ष जांच की मांग
रिश्वत लेने के मामले में पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो की गिरफ्तारी चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं पंचायत सचिव की गिरफ्तारी पर गुमला जिला राजपत्रित कर्मचारी संघ ने आपत्ति जताया है. कर्मचारी संघ के सदस्यों ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है. इसके साथ ही शिकायतकर्ता की भी जांच की मांग की है. संघ के सदस्यों का कहना है कि पंचायत सचिव को परिस्थितियों में फंसाया गया है. कर्मचारी संघ के सदस्यों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिये. इसके साथ ही शिकायतकर्ता की भी जांच की जानी चाहिये. ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस परिस्थिति में आरोप लगाया गया. मौके पर सुशील टोप्पो, शाहिद अनवर, अभिषेक मांझी, राजू महतो, जगना राम गोप सहित कई कर्मचारी उपस्थित थे.
