Gumla : हादसे में टूटा पैर, ‘मददगारों’ ने तोड़ा भरोसा, घायल युवक के मोबाइल से उड़ा दिये 77 हजार रुपये
Gumla : गुमला शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इंसानियत को झकझोर देने वाला है. जहां एक ओर सड़क हादसे में घायल विलुप्त प्राय: असुर जनजाति युवक जिंदगी की जंग लड़ रहा है. वहीं दूसरी ओर ‘मदद’ के नाम पर पहुंचे लोगों ने उनका भरोसा तोड़ते हुए उसकी जेब ही साफ कर दी. मामला सिर्फ मोबाइल चोरी तक सीमित नहीं रहा. बल्कि उस मोबाइल के जरिए उसके खाते से 77 हजार रुपये भी उड़ा लिए गये.
पीड़ित युवक वीरेंद्र असुर जो आदिम जनजाति समुदाय से है. वह 22 मार्च को केओ कॉलेज के समीप एक सड़क हादसे का शिकार हो गया था. बताया जा रहा है कि उनकी बाइक एक ट्रैक्टर से टकरा गयी. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा इतना भयावह था कि उनका एक पैर टूट गया. घटना के बाद आसपास मौजूद कुछ लोग ‘मददगार’ बनकर सामने आये और उन्हें अस्पताल पहुंचाया. लेकिन यही मददगार बाद में उनके लिए सबसे बड़ा धोखा साबित हुए. आरोप है कि अस्पताल ले जाने के दौरान ही किसी ने उनकी जेब से मोबाइल निकाल लिया और फरार हो गये.
इधर, परिवार के लोग घायल वीरेंद्र के इलाज में जुट गये. एक निजी क्लिनिक में उनका ऑपरेशन कराया गया. जिसमें करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुआ. इलाज के दौरान पत्नी तारामुनि कुमारी ने पति के खाते से 90 हजार रुपये निकाले. खाते में पहले से लोन लेकर करीब दो लाख रुपये जमा थे. परिवार का पूरा ध्यान इलाज पर था. इसलिए खाते की नियमित जांच नहीं हो सकी. लेकिन जब कुछ दिन बाद फिर पैसों की जरूरत पड़ी और तारामुनि बैंक पहुंचीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी. बैंक से पता चला कि उनके पति के खाते से फोन-पे के जरिए 77 हजार रुपये की निकासी हो चुकी है.
घबराई पत्नी ने जब पति के मोबाइल नंबर पर कॉल किया, तो दूसरी ओर से एक युवक ने फोन उठाया और अपना नाम दिनेश बताया. इसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया. स्थिति को भांपते हुए परिवार ने तुरंत सिम कार्ड बंद कराया. पीड़िता तारामुनि कुमारी ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आयी है.
