Gumla : गुमला में ठगों के जाल में फंसी आदिवासी महिला, गंवायी 80 हजार
गुमला में साइबर ठगों की हैरान कर देने वाली करतूत सामने आयी है. जहां एक आदिवासी महिला को पहले मकान बनाने के लिए लोन दिलाने का झांसा दिया गया. फिर पुलिस अधिकारी बनकर डराया-धमकाया गया. इस पूरे खेल में ठगों ने महिला से 80 हजार रुपये ठग लिए. मामला गुमला थाना के भलदम चट्टी गांव की रहने वाली निर्मला उरांव की है. जिन्होंने इस धोखाधड़ी को लेकर सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. पुलिस अब मामले की गंभीरता से जांच में जुट गयी है.
लोन का झांसा, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
निर्मला ने बताया कि रविवार को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआइ बैंक का अधिकारी बताया और कहा कि उन्हें मकान बनाने के लिए 12 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. भरोसा दिलाने के बाद ठग ने जरूरी कागजात के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की. इसके लिए एक स्कैनर (क्यूआर कोड) भेजा गया. जिसके जरिए निर्मला ने सोमवार को एक कैफे से पांच हजार रुपये भेज दिये.
लगातार कॉल के बाद बढ़ती गयी रकम
पहली रकम भेजने के बाद ठगों का हौसला बढ़ गया. अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल आने लगे और हर बार किसी न किसी बहाने से पैसे मांगे जाते रहे. निर्मला भी भरोसे में आकर पैसे भेजती रहीं और देखते ही देखते करीब 55 हजार रुपये ठगों के खाते में चले गये. कुछ देर बाद निर्मला को शक हुआ और उन्होंने पैसे भेजना बंद कर दिया. लेकिन यहीं से ठगों ने अपनी चाल बदल दी. फिर ठगों ने दूसरे नंबर से कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताना शुरू किया. फोन पर कहा गया कि आपके खिलाफ कार्रवाई हो रही है. पुलिस टीम आपको गिरफ्तार करने निकल चुकी है. इस धमकी से निर्मला घबरा गयी और डर के कारण मंगलवार को फिर से कैफे जाकर 25 हजार रुपये और भेज दिये.
डर टूटा, जो ठगी का खुलासा हुआ
बार-बार कॉल और धमकी से परेशान होकर आखिरकार निर्मला ने फोन उठाना बंद कर दिया और बुधवार को सीधे सदर थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज करायी. इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों के नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
