गुमला

चैनपुर में मंडप तक पहुंची पुलिस, नाबालिग को बालिका वधू बनने से रोका

गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड प्रशासन और पुलिस की तत्परता से एक नाबालिग लड़की बालिका वधू बनने से बच गयी. चैनपुर थाना क्षेत्र में होने जा रहे एक बाल विवाह को प्रशासन ने रुकवा दिया गया है. कम उम्र की लड़की की शादी की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को कानून का पाठ पढ़ाते हुए विवाह रुकवाया. जानकारी के अनुसार, चैनपुर के मालम पंचायत की एक नाबालिग लड़की का विवाह एक 25 वर्षीय युवक के साथ तय किया गया था. विवाह की रस्में चल रही थीं और घर में मेहमानों का तांता लगा हुआ था.

इसी बीच प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि लड़की की उम्र शादी के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से कम है. मौके पर पहुंची महिला पर्यवेक्षाका अंजली वर्मा, एएसआइ संतोष धर्मपाल लुगुन, पंचायत प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी ने ग्रामीणों और दोनों परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह विवाह संपन्न होता है, तो न केवल दूल्हा-दुल्हन के परिवार, बल्कि इसमें शामिल होने वाले मेहमान, पंडित, टेंट और बाजा वाले भी कानूनी रूप से दोषी माने जायेंगे और उन्हें जेल की सजा हो सकती है. प्रशासन और पुलिस के समझाने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार की. लड़के के परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया कि वे अभी शादी नहीं करेंगे और लड़की के बालिग 18 वर्ष होने के बाद ही यह विवाह संपन्न होगा.

फिलहाल लड़की को उसके घर भेज दिया गया है और प्रशासन लगातार मामले पर नजर बनाये हुए है. प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से अपील किया है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने में सहयोग करें. यदि कहीं भी इस तरह की घटना की जानकारी मिले, तो तुरंत चैनपुर प्रखंड प्रशासन या चैनपुर थाना को सूचित करें.

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