गुमला

भारत माला सड़क पर बवाल, मुआवजे और फसल बर्बादी को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, निर्माण स्थल बना रणक्षेत्र

भारत माला सड़क निर्माण परियोजना को लेकर गुमला जिले के लट्ठा बरटोली गांव में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ. फसल क्षति को लेकर आक्रोशित रैयत ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोक दिया. जिसके बाद निर्माण कंपनी के कर्मियों, कुछ ग्रामीणों और प्रभावित रैयतों के बीच तीखी झड़प हो गयी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गयी कि मौके पर पहुंची पुलिस, एनएचएआइ और भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही है. शिवालया कंपनी ने जबरन खेतों में जेसीबी और अन्य भारी मशीनें उतार दीं. जिससे तैयार धान की फसल बर्बाद हो गयी. जब किसानों ने इसका विरोध किया तो कंपनी के कर्मियों और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की. पीड़ित पूजा उरांव ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों तक के साथ धक्का-मुक्की की गयी. उनका कहना है कि पूरी घटना के दौरान पुलिस मौजूद रही. लेकिन किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और कंपनी मिलकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं.

घटना में प्रभावित ग्रामीणों में लगनू उरांव, बिरसा उरांव, दशई उरांव, चलू टाना भगत, सामा उरांव, कार्तिक उरांव, पाना उरांव, लक्ष्मी उरांव, बुधना उरांव और कानू मुंडा सहित कई लोग शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजा प्राप्त कर चुके कुछ लोगों को भी उनके खिलाफ खड़ा कर दिया गया. जिससे विवाद और बढ़ गया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जायेगा. भारतमाला जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना अब मुआवजा विवाद, फसल नुकसान और ग्रामीणों के आक्रोश के कारण नए विवादों में घिरती नजर आ रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *