गुमला नगर परिषद में सामग्री खरीद में घोटाले का आरोप, पार्षद ने दिया धरना
गुमला नगर परिषद में स्टील बोर्ड, चलंत शौचालय, पानी टैंकर और लोहे के डस्टबिन की खरीद में घोटाला का आरोप लगाते हुए वार्ड पार्षद दिलीप कुमार भगत ने नप कार्यालय के समक्ष धरना दिया. श्री भगत ने सामग्री खरीद की जांच की मांग की है. इधर, श्री भगत के धरना व उनकी मांगों का वार्ड पार्षदों ने समर्थन किया और धरना में भी भाग लिया. दिलीप भगत ने कहा है कि नगर परिषद में हाल के महीनों में लाखों रुपये की सामग्री की खरीद हुई है. छह हजार की चीज सीधे 24 हजार रुपये में खरीद की गयी है. इतना ही नहीं. जिन आपूर्तिकर्ताओं से सामग्री की खरीद हुई है. वे भी अधिकारी के चहेते हैं. नगर परिषद में बड़ा घोटाला हुआ है. अगर इसकी जांच नहीं होती है तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.
उन्होंने कहा है कि इस मामले में गुमला उपायुक्त को संज्ञान लेना चाहिए. नहीं तो जिले की इससे बदनामी होगी. उपायुक्त को एक जांच टीम गठित कर नप में हुई खरीद की जांच करानी चाहिए. वार्ड पार्षद जयराम इंदवार ने कहा है कि नगर परिषद का संचालन राजस्व के पैसे से अधिक होता है. राजस्व का पैसा जनता से वसूला जाता है. इसलिए इस पैसे से शहर का विकास जरूरी है. लेकिन शहर के विकास के नाम पर सामग्री खरीद कर राशि की गड़बड़ी करना अपराध है. मैं गुमला प्रशासन से मांग करूंगा कि इस मामले में एक टीम बनाकर पूरे मामले की जांच की जाये. ताकि सच्चाई क्या है. वह सामने आ सके. धरना में पार्षद केके मिश्रा, रमेश कुमार चीनी, लखन राम, जयराम इंदवार, विजेता मिंज, नेहा लकड़ा, रीता प्रभा खलखो, संगियस तिर्की सहित अन्य लोग थे.
सामग्री खरीद में अनियमितता बरती गयी : केके मिश्रा
वार्ड पार्षद केके मिश्रा ने कहा है कि मैं नगर परिषद में लगातार चार टर्म से पार्षद हूं. हर बार नगर परिषद में सामग्री की खरीद होती है. लेकिन पूरी पारदर्शिता के साथ सामग्री की खरीद हुई है. परंतु, दुख होता है. इसबार जो सामग्री खरीद हुई है. इसमें अनियमितता बरती गयी है. चोरी छिपे खरीद की गयी इन सामग्रियों की कीमत अधिक है. अगर हम बाजार मूल्य की बात करें तो यह सामग्री सस्ते में मिल जाता. वह भी मजबूत सामान मिलता. लेकिन अभी जो सामग्री की खरीद हुई है. वह सीधे बाजार मूल्य से चार गुणा अधिक दर पर खरीद की गयी है. इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. गुमला उपायुक्त से मांग है. जिले की बदनामी न हो. इसके लिए एक टीम का गठन कर पूरे मामले की जांच करायी जाये.
घोटाले के आरोप के बाद हरकत में नप
वार्ड पार्षदों द्वारा सामग्री की खरीद में लगाये गये घोटाले के बाद नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी हरकत में आये. उन्होंने तुरंत सामग्री की सूची बनायी. साथ ही किस सामग्री को कितनी राशि में खरीद की गयी. उसका भी चार्ट बनाया. इसके बाद पार्षद को उक्त सूची उपलब्ध कराया. जिसमें सभी सामग्री की कीमत है. अलग से 18 प्रतिशत जीएसटी भी दी गयी है. इसपर दिलीप भगत ने सवाल खड़ा किया और कहा कि इसकी जांच हो तो कई लोगों पर केस दर्ज होगा.
