नेताजी के खिलाफ आंदोलन, नौ जुलाई से नप में कामकाज ठप
गुमला में नगर परिषद का विवाद थम नहीं रहा. यह और उग्र रूप ले लिया है. अब लड़ाई आंदोलन तक पहुंच गया है. नेताजी के खिलाफ आंदोलन शुरू हो गया है. नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदों ने नौ जुलाई से नगर परिषद का कामकाज ठप करने की घोषणा कर दी है. सिर्फ एसआइआर का काम होगा. बाकी सभी काम बंद रहेगा. इसकी लिखित शिकायत नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को दी गयी है. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदों ने कहा है कि नगर परिषद द्वारा निकाली गयी ऑनलाइन टेंडर को लेकर दो जुलाई को उपायुक्त गुमला से मुलाकात किया गया था.
उस समय नगर परिषद द्वारा निकाले गये 32 योजनाओं के ऑनलाइन टेंडर की जानकारी दी गयी थी. साथ ही उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर योजनाओं को चालू कराने की मांग की गयी थी. लेकिन उपायुक्त से बैठक हुए चार दिन बीत गया है. परंतु अबतक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. ना ही किसी प्रकार की सूचना दी गयी. ऐसे में जनप्रतिनिधियों की मांग पर कोई ध्यान न देना नगर परिषद के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है. इसलिए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों ने नौ जुलाई से कार्यालय अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सभी सेवाओं एवं कार्य (एसआइआर कार्य को छोड़कर) को अनिश्चित काल के लिए बंद करेंगे.
मामला यह है
नप के जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि कुछ दिन पहले नगर परिषद से ऑनलाइन 32 योजनाओं का टेंडर निकाला गया था. परंतु, गुमला के एक नेताजी इसमें पांच टेंडर अपने सहयोगियों को देने पर अड़े हुए थे. जबकि ऑनलाइन टेंडर के नियम के अनुसार संवेदक द्वारा टेंडर डालकर योजना लेना था. लेकिन नेताजी अपने रसूख के बल पर योजना लेने पर अड़े रहे. जब नेताजी के कहने के बाद भी टेंडर नहीं मिला तो उन्होंने गुमला उपायुक्त से लिखित शिकायत कर दी. जिसके बाद उपायुक्त के स्तर से एक जांच टीम बनायी गयी. ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया की अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है. जबकि 10 दिन से अधिक समय हो गया. ऐसे में गुमला शहर में संचालित 32 योजनाओं के विकास पर रोक लग गया है. इसके बाद नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व 22 वार्ड के पार्षदों ने शहर के विकास के लिए उपायुक्त से मिलकर योजनाओं पर लगाये गये रोक को हटाने व विकास के काम होने देने की मांग की गयी थी. परंतु, योजनाओं पर रोक नहीं हटाये जाने से नाराज नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है.
विधायक विकास में अड़चन डाल रहे हैं : अध्यक्ष
नगर परिषद गुमला की अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने नगर परिषद से निकाले गये टेंडर विवाद के बाद अपनी पीड़ा सोशल मीडिया में रखा है. उन्होंने कहा है कि दुर्भाग्य है कि विधायक गुमला विधानसभा के समग्र विकास पर ध्यान देने के बजाय नगर परिषद के विकास कार्यों में ही बाधा डालने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं. जेएमएम सरकार के पिछले दो कार्यकाल में जिस गति से गुमला का विकास होना चाहिए था. वह नहीं हो सका. इसलिए पिछले नगर निकाय चुनाव में भी जनता ने प्रचंड जनादेश देकर नगर परिषद के चुनाव में विकास, सुशासन और पारदर्शिता के लिये मुझे जिम्मेदारी सौंपी. अब जब नगर परिषद का गठन हो चुका है और हम सभी जनप्रतिनिधि मिलकर तेज गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. सड़क, नाली, जलापूर्ति, सफाई और अन्य जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रहे है. तब उन्हें बार-बार विवादों में घसीटना और विकास कार्यों में अड़चन पैदा करना गुमला के हित में नहीं है. इसका नुकसान केवल गुमला की जनता को हो रहा है. गुमला की जनता राजनीति नहीं, विकास चाहती है. जनप्रतिनिधियों का धर्म विकास में सहयोग करना है, बाधा बनना नहीं.
