Video : जगन्नाथ तिर्की की मौत, परिजनों पर चढ़ा 80 हजार रुपये का कर्ज, कर्ज माफ कराने की मांग
उन्होंने आरोप लगाया है कि बेहतर इलाज के अभाव में गरीब परिवार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा. उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मृतक की पत्नी रोहिणी कुजूर को इलाज के दौरान लिये गये कर्ज से राहत दिलाने के लिये आर्थिक सहायता देने की मांग की. साथ ही सदर अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर नहीं किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है.
उपायुक्त के संज्ञान लेने के बाद भी इलाज नहीं हुआ
देवकी देवी ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान मरीज जगन्नाथ तिर्की को जबरन रांची रेफर किया गया. अब मरीज की मौत के बाद परिवार कर्ज के बोझ तले दब गया है. प्रेस बयान के अनुसार, मरीज को पहले रांची के देवकमल अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के लिए पैसे की मांग की गयी. मजबूरी में परिजनों ने गांव के लोगों से करीब 80 हजार रुपये उधार लेकर इलाज शुरू कराया. बाद में मरीज को रिम्स रेफर कर दिया गया.
यहां बता दें कि जगन्नाथ तिर्की का गुमला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी पत्नी ने शहर में घूमकर भीख मांगी थी. बाद में गुमला उपायुक्त ने मामले में संज्ञान लेकर जगन्नाथ की बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश अस्पताल प्रबंधन को दिया था. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इलाज की व्यवस्था न कर उसे रांची रेफर कर अपना पल्ला झाड़ लिया. जिसका नतीजा है. आज मरीज की मौत हो गयी.
