अंधविश्वास का कहर! दो पुलिस जवानों के बुजुर्ग पिता पर गुमला में जानलेवा हमला
गुमला सदर थाना क्षेत्र में डायन-बिसाही के आरोप में एक बुजुर्ग पर हथौड़े से जानलेवा हमला किये जाने का मामला सामने आया है. घायल बुजुर्ग हरि उरांव (70 वर्ष) की शिकायत पर गुमला थाना में धर्मेश उरांव उर्फ बुटना और बिंदेश उरांव उर्फ टकला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हरि उरांव ग्राम खरका बंबाटोली की निवासी हैं और घर में अकेले रहता है. उनके दो पुत्र केंद्रीय सुरक्षा बल (बीएसएफ और सीआइएसएफ) में कार्यरत हैं और नौकरी के कारण बाहर रहते हैं. जबकि दोनों पुत्रियों का विवाह हो चुका है. घटना रात करीब आठ बजे हरि उरांव अपने घर में खाना बना रहा था.
इसी दौरान गांव के धर्मेश उरांव और बिंदेश उरांव घर की बाउंड्री फांदकर अंदर घुस आये. शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपी गाली-गलौज करते हुए हरि उरांव पर अपने-अपने पिता की मौत के लिए डायन-बिसाही करने का आरोप लगाने लगे. आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने घर में रखा हथौड़ा उठाया और हरि उरांव के सिर एवं गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. हरि उरांव के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों को आता देख दोनों आरोपी मौके से फरार हो गये.
घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित की पुत्री और स्थानीय लोगों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला पहुंचाया. जहां उनका उपचार किया गया. हरि उरांव ने पुलिस को बताया है कि धर्मेश उरांव के पिता की मौत करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी. जबकि बिंदेश उरांव के पिता का चार दिन पहले निधन हुआ है. पिता की मौत के बाद दोनों आरोपियों ने उन पर डायन-बिसाही का आरोप लगाते हुए जान से मारने की नीयत से हमला किया. शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी जेल जा चुके हैं. अकेले रहने के कारण उन्हें आरोपियों से लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है. पीड़ित के आवेदन के आधार पर गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है.
