गुमला

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत साइबर सुरक्षा की पाठशाला, किशोरियों को दिए गए सुरक्षा के टिप्स

चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट
चैनपुर (गुमला): डिजिटल युग में जहां एक ओर तकनीक जीवन को आसान बना रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से फैल रहा है. इससे सुरक्षित रहने और समाज में बेटियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को  बाल विकास परियोजना कार्यालय के परिसर में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया. ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान तथा साइबर क्राइम की रोकथाम पर केंद्रित इस जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं महिला पर्यवेक्षिका खुशबू कुमारी ने संयुक्त रूप से किया. इस कार्यशाला में प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों से आईं बड़ी संख्या में किशोरियों, युवतियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया.

कार्यशाला के मुख्य वक्ता चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने उपस्थित किशोरियों को वर्तमान समय में पैर पसार रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. थाना प्रभारी ने मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचें. बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां, एटीएम पिन या मोबाइल पर आने वाले ओटीपी (OTP) को कभी भी किसी के साथ साझा न करें. बैंक अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी फोन कॉल्स से सावधान रहें. यदि कोई जाने-अनजाने में साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाता है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत डायल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को फ्रीज कराया जा सकता है.

बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर

महिला पर्यवेक्षिका खुशबू कुमारी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के मूल उद्देश्यों को सामने रखा. उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब हमारी बेटियां सुरक्षित होंगी और उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनेंगी. उन्होंने उपस्थित बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और अपनी पढ़ाई को कभी न छोड़ें. बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है, जिनका लाभ उठाना हर किशोरी का अधिकार है.

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