सिसई : शिक्षक नहीं, इसलिए स्कूल पर ताला! एक माह से बंद है अड़िया टोली प्राथमिक विद्यालय
गुमला के सिसई प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की पोल खोलता एक गंभीर मामला नव प्राथमिक विद्यालय अड़िया टोली से सामने आया है. शिक्षक नहीं होने के कारण यह विद्यालय पिछले एक माह से बंद पड़ा है. नतीजतन, पठन-पाठन के साथ-साथ यहां मिलने वाला मिड-डे मील भी पूरी तरह ठप हो गया है. जिससे नामांकित 20 छोटे-छोटे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है. आलम तो यह है कि मासूम बच्चे रोज सुबह पूरी लगन के साथ स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर आते हैं. लेकिन दरवाजे पर ताला लटका देख परिसर में थोड़ी देर खेलकर मायूस होकर घर लौट जाते हैं. बच्चों की इस दुर्दशा से ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है.
रसोइया ने क्या कहा
विद्यालय की रसोइया सुनीता कुमारी ने बताया कि यह स्कूल वर्षों से एक ही पारा शिक्षक के भरोसे चल रहा था. उनके सहायक आचार्य पद पर चयनित होने के बाद स्कूल छोड़ते ही पढ़ाई बंद हो गयी. ग्रामीणों की मांग पर विभाग ने एक शिक्षिका कह प्रतिनियुक्ति तो किया, पर वे महज तीन दिन आकर गायब हो गयी.
बीपीओ ने क्या कहा
प्रखंड शिक्षा कार्यालय की बीपीओ सुप्रिया ने स्वीकार किया कि दो शिक्षकों की पदस्थापना की गयी थी. लेकिन दोनों ने ही अपनी सेवा नहीं दी. हालांकि, उन्होंने उन शिक्षकों के नाम उजागर करने से मना कर दिया.
उठ रहे हैं सवाल
एक तरफ सरकार शत-प्रतिशत नामांकन और बेहतर शिक्षा के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे बंद पड़े स्कूल विभागीय दावों की पोल खोल रहे हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब नियमित शिक्षक बहाल कर स्कूल चालू कराने की गुहार लगायी है.
