Video : चैनपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर दिखी सांस्कृतिक विरासत की भव्य झलक
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बारवे मैदान में आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला. आदिवासी एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों ने बैनर और नारों के साथ नगर भ्रमण किया, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया.
नगर भ्रमण के बाद सभी लोग अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे, जहां मुख्य अतिथि एसडीओ हरि उरांव, जिप सदस्य मेरी लकड़ा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा सहित अन्य अतिथियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें एसडीओ हरि उरांव, एसडीपीओ सुश्री श्रुति, जिप सदस्य मेरी लकड़ा और कॉलेज के प्राचार्य अगस्तुस एक्का शामिल रहे। इस दौरान अतिथियों को आदिवासी अंगवस्त्र और बैच देकर सम्मानित भी किया गया.
अपने संबोधन में एसडीओ हरि उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं में निहित है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने शिक्षा और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया.
एसडीपीओ सुश्री श्रुति ने कहा कि आदिवासी समाज ने हमेशा प्रकृति संरक्षण के लिए संघर्ष किया है. जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाना आज की आवश्यकता है. उन्होंने लोगों से संविधान प्रदत्त अधिकारों की जानकारी रखने और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.
जिप सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आदिवासी पहचान की जड़ें उसकी परंपरा और प्रकृति से जुड़ी हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा और एकता को आधार बनाने की बात कही.
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, मुखिया सुशील दीपक मिंज सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त किए. इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आई नृत्य मंडलियों के बीच पारंपरिक लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. ढोल-मांदर और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर प्रस्तुत नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
लोक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने आदिवासी जीवन, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके संरक्षण का संदेश दिया. कार्यक्रम में उप प्रमुख प्रमोद खलखो, अनूप संजय टोप्पो, मुखिया शोभा देवी, प्रियंका असुर, आशा लकड़ा, अनीता लकड़ा, फादर राजेंद्र टोप्पो सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
