Gumla : बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर करें प्रयास, उपायुक्त ने की अपील
Gumla : गुमला की उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने अभिभावकों और शिक्षकों से एकजुट होकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि जिले के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आगामी 10 से 12 नवंबर तक शिक्षा विभाग द्वारा “मॉक टेस्ट” आयोजित किया जा रहा है. यह परीक्षा विद्यार्थियों को आत्म मूल्यांकन, अभ्यास और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी. उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों की वास्तविक तैयारी को परखना और विषयवार सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाना है. उन्होंने अभिभावकों व शिक्षकों दोनों से इसे एक साझा जिम्मेदारी के रूप में लेने का आग्रह किया.
अभिभावकों से अपील
उपायुक्त ने कहा कि अभिभावक बच्चों के पहले गुरु होते हैं और उनकी शिक्षा व मनोबल पर घर के वातावरण का गहरा असर पड़ता है. उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारियों हेतु अपने बच्चों से संवाद करें तथा नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना सुनिश्चित कराएं. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के नियमित स्वाध्याय एवं गृहकार्य सहित परीक्षा तैयारियों पर ध्यान देते हुए उनके प्रयास की सराहना करने और घर में अध्ययन के अनुकूल माहौल तैयार करने की अपील की है. उपायुक्त ने संदेश दिया है कि इस मॉक टेस्ट परीक्षा को डर नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखा जाये. उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि जिले के सरकारी विद्यालय में 10 से 12 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस मॉक टेस्ट में कक्षा 10 और 12 के 100 प्रतिशत विद्यार्थियों को जरूर भाग दिलाएं.
शिक्षकों के लिए संदेश
उपायुक्त ने शिक्षकों से मॉक टेस्ट से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी करने, विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण से तैयार करने और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहायता सत्र आयोजित करने को कहा है. उन्होंने शिक्षकों से अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया. ताकि विद्यालय और घर मिलकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान दे सकें.
हर बच्चे में संभावना छिपी है
गुमला उपायुक्त ने कहा है कि हर बच्चे में एक संभावना छिपी है तथा सही मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग से वह अपनी मंज़िल तक पहुंच सकता है. अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन यदि एकजुट होकर कार्य करें, तो गुमला जिले के विद्यार्थी राज्य में उत्कृष्ट उदाहरण बन सकते हैं. आइए, हम सब मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प लें कि वे बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने के साथ साथ अच्छे इंसान भी बनें और भविष्य में अपने परिवार, समाज एवं देश की उन्नति में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें.
