बिशुनपुर : बनारी में आंदोलनकारियों का चक्का जाम, सड़क पर थमे वाहनों के पहिए
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बुधवार को बनारी में सात सूत्री मांगों को लेकर चक्का जाम किया गया. रोजलीन तिर्की के नेतृत्व में आंदोलनकारी सड़क पर डटे रहे. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. बॉक्साइट लदे ट्रकों के साथ यात्री व अन्य वाहन भी फंसे रहे. बंद के समर्थन में बिशुनपुर व बनारी के व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे.
आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि झारखंड निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को अब तक उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिला है. रोजलीन तिर्की ने कहा कि मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी है. सरकार जब तक ठोस पहल नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा. आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया.
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम हटाने की अपील की, लेकिन आंदोलनकारी मांगों को लेकर डटे रहे. मोर्चा की मांगों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को सर्वोच्च सम्मान, आंदोलनकारियों के आश्रितों को सीधी नौकरी, सम्मान पेंशन 50 हजार रुपये, सरकारी संकल्प लागू करने, 26 प्रतिशत खनिज रॉयल्टी, ऑफलाइन लगान रसीद की व्यवस्था तथा स्थानीय नियोजन नीति में भाषा-संस्कृति को आधार बनाने की मांग शामिल है. मौके पर सिकंदर उरांव, छोटू अंसारी, कोलसतान टोप्पो, डेविड मिंस, फिल्मोन एक्का, किशोर कुजूर, जेम्स उरांव सहित काफी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे.
