Gumla Bus Stand Crisis : बस ओनरों पर कार्रवाई करें प्रशासन, नहीं तो उतरेंगे सड़क पर, जानें किसने कही ये बात
Gumla Bus Stand Crisis : गुमला जिले में चार दिनों से बस ओनर एसोसिएशन द्वारा 200 बसों का परिचालन ठप करने के मामले में ऑल झारखंड आदिवासी छात्र संघ ने गंभीरता से लिया. आछासं ने बस ओनरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग गुमला उपायुक्त से किया है. साथ ही दुंदुरिया बस डिपो में ही लोहरदगा रूट के लिए बस पड़ाव की स्थायी स्थापना करने की मांग किया है. आदिवासी छात्र संघ के जिला प्रभारी अशोक कुमार भगत, जिला अध्यक्ष महावीर उरांव, महासचिव भूषण उरांव ने प्रेस जारी कर कहा है कि गुमला बस ओनर असोसिएशन द्वारा लगातार चार दिनों से बसों की बंदी कर गुमला ही नहीं अन्य जिलों के आम आदमी को परेशान कर रहे हैं. बस ओनरों द्वारा आम पब्लिक को जो सुविधा देनी चाहिए थी. वह सुविधा न देकर आम आदमी को बेवजह की मांग को लेकर परेशान किये हुए हैं. गुमला में ट्रैफिक जाम के पीछे बस ओनर, मेन रोड के बड़े दुकानदार हैं. इन लोगों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा.
अधिक भाड़ा पर रोक लगायी जाये : आछासं
आछासं ने कहा है कि जीएसटी बंद होने के बाद भी गुमला में बसों का अधिक भाड़ा लिया जा रहा है. यहां तक कि हर रूट की सड़क बन गयी है. कहीं कोई अड़चन नहीं है. इसके बाद भी बस मालिकों द्वारा अधिक भाड़ा लेना कानून गलत है. इसकी जांच हो. भाड़ा कम किया जाये. नहीं तो आछासं आंदोलन के लिए बाध्य होगा. गुमला के सभी बसों की फिटनेस की जांच हो. इनके परमिट को शक्ति से जांच किया जाये. बसों का परमिट किसी दूसरे जगह का रहता है और किसी दूसरे रूट पर बस चलायी जा रही है. बस एक्सीडेंट होने के बाद पता चलता है कि यातायात नियम के विरुद्ध गाड़ी चल रही है. इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि सभी बस गाड़ियों की परमिट को जांच हो. मनमानी भाड़ा पर कार्रवाई हो.
डीसी व एसडीओ की पहल का स्वागत है
आछासं ने कहा है कि गुमला शहर को जाम से मुक्त करने व गाड़ियों के दबाव को शहर से कम करने के लिए गुमला उपयुक्त व एसडीओ ने लोहरदगा रूट के लिए दुंदुरिया में बस स्टैंड बनाकर जो कदम उठाया है. वह स्वागत योग्य है. अगर बस ओनर निर्धारित स्थान से बस नहीं छोड़ते हैं तो आछासं बस ओनर के खिलाफ सड़क पर उतरेगा. नगर परिषद द्वारा शहर में टेंपो स्टैंड के नाम पर जो टैक्स वसूली कराया जा रहा है. इसकी भी जांच हो. क्योंकि, अधिकांश ऐसे लोग टैक्स वसूलते हैं. जो नशा करते हैं. इससे कभी भी बड़ा हादसा शहर में हो सकता है. गुमला उपायुक्त से अनुरोध है. गलत तरीके से वसूली हो रहे टैक्स पर भी रोक लगाये. रात्रि में नेशनल परमिट और निजी फोर व्हीलर वाहनों से भी अवैध तरीके ये टैक्स वसूली हो रही है.
