गुमला : नशे के कारोबार, अवैध खनन पर सख्ती, जेलों की सुरक्षा होगी मजबूत
गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा की संयुक्त अध्यक्षता में 16 अक्टूबर एन.सी.ओ.आर.डी. (नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन), कारा सुरक्षा, परिवहन एवं खनन से संबंधित संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण को लेकर उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में अफीम एवं ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी निगरानी रखने तथा नियमित रूप से सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया. पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान संचालित करने, शहरी क्षेत्रों के संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा विद्यालयों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री एवं आपूर्ति रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरतते हुए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच अभियान तेज करने को कहा गया. उत्पाद विभाग को संदिग्ध स्थानों एवं लाइन होटलों में अवैध शराब की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया. साथ ही, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी ली गई. पिछली बैठक के बाद तीन वाहनों के पकड़े जाने की जानकारी दी गई. उपायुक्त ने अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई को सख्ती से लागू करने तथा अवैध बालू लदे वाहनों को पकड़ने और उनके चालान की गहन जांच करने का निर्देश दिया. बॉक्साइट लदे वाहनों में रिफ्लेक्टर की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके.
परिवहन एवं यातायात सुरक्षा के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों की ब्रीथ एनालाइजर से नियमित जांच करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई एवं जुर्माना लगाने का निर्देश दिया. थाना प्रभारियों को अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध भी नियमित छापेमारी करने को कहा गया. वहीं, बसिया अनुमंडल क्षेत्र में सड़क पर यातायात बाधित करने वाले वाहनों एवं अतिक्रमण को हटाने तथा सिलमुल पुल को शीघ्र चालू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में कारा सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई. नवनिर्मित विस्तारित खंड में इलेक्ट्रिक फेंसिंग स्थापित करने तथा 16 बेड वाले नवनिर्मित अस्पताल वार्ड की आधारभूत संरचनाओं में सुधार पर विशेष चर्चा हुई. वार्ड तक पहुंच पथ एवं नाली के क्षतिग्रस्त स्लैब, कुछ स्थानों पर टूटे दरवाजे एवं खिड़कियों तथा छत से जल निकासी के लिए लगाए गए क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत सहित अन्य निर्माण कार्यों में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे.
इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी – गुमला / बसिया / चैनपुर, जिला परिवहन पदाधिकारी,जिला खनन पदाधिकारी, अधीक्षक मंडल कारा (जेल सुपरिटेंडेंट),सहायक आयुक्त / अधीक्षक, उत्पाद विभाग,खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के थाना प्रभारी सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें.
