Dire Jatra : नई फसल और डाइर जतरा का उत्साह
सुमन पासवान
दक्षिणी छोटानागपुर में गुमला जिला है. पहाड़ व घने जंगल इसकी पहचान है. आदिवासी बहुल जिला है. इस जिले की कई खूबियां हैं. यहां कई ऐतिहासिक धरोहर है. प्राचीन परंपराएं भी हैं. इन्हीं परंपराओं में गांव-गांव में लगने वाला डाइर जतरा है. डाइर जतरा लगाने के पीछे भी पूर्वजों के समय से चली आ रही परंपरा है. वर्षा ऋतु में जब खेत में फसल लगता है और ठंडा मौसम में फसल तैयार होता है. तब गांव-गांव में खुशियों व उत्साह का माहौल रहता है. अच्छी फसल के लिए इसी खुशी व उत्साह को दिखाने के लिए गांवों में डाइर जतरा लगाने की परंपरा रही है. इसमें गुमला जिला झारखंड का सबसे महत्वपूर्ण जिला माना जाता है. जहां डाइर जतरा का उत्साह गांवों में देखने को मिलता है. केओ कॉलेज गुमला के प्रोफेसर तेतरू उरांव ने कहा कि डाइर जतरा का संबंध नई फसल से भी है. यह त्योहार अक्सर नई फसल के आगमन के साथ मनाया जाता है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण समय होता है.
इस त्योहार के दौरान, लोग अपनी नई फसल की पूजा करते हैं और भगवान का आभार व्यक्त करते हैं. आदिवासी युवा नेता जीतेश मिंज ने कहा कि गुमला जिले की माटी इस समय नई फसल की खुशबू बिखेर रही है. खेत-खलिहान चहक व महक रहे हैं. किसानों के चेहरे पर खुशहाली है. उत्साह व उमंग है. खेतों में लहलहाते फसल और किसानों की चेहरे की खुशी आसानी से आप भी महसूस कर सकते हैं. खलिहानों में धान की कटनी हो रही है. कई किसानों ने धान की कटाई कर भी ली है. धान बेचने व जमा करने का सिलसिला भी जारी है. इस बार बरसात ने किसानों का साथ दिया है.
इसलिए उपज अच्छी हुई है. ऐसे खुशनुमा पल में झारखंड के आदिवासी व सदान वर्ग के किसान गांव-गांव में डाइर जतरा मेला का आनंद उठा रहे हैं. महावीर उरांव ने कहा कि डाइर जतरा मेला नई फसल आने की खुशी में मनाया जाता है. बरसात के दौरान खेती-किसानी में व्यस्त रहने वाले आदिवासी किसान अपनी फसल को घर में सुरक्षित रखने के बाद डाइर जतरा के बहाने एक साथ मिलजुलकर खुशियां मनाते हैं. इस दौरान लोग अपनी परंपराओं को जीवित रखने के साथ आपस में सुख और दुख की बातें करते हैं. मिलकर एक साथ नाचते-गाते हैं. इसी उत्सव के साथ आदिवासियों का मंगल कार्य शुरू होता है.
नई फसल का महत्व
किसानों की खुशहाली : नई फसल के आगमन से किसानों को अपनी मेहनत का फल मिलता है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.
भगवान का आभार : लोग भगवान का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने उन्हें अच्छी फसल दी है. जिससे उनका जीवन यापन हो सके.
समुदाय का जश्न : नई फसल के आगमन का जश्न समुदाय के लोगों के साथ मिलकर मनाया जाता है. जिससे सामाजिक एकता और सौहार्द बढ़ता है.
डाइर जतरा का महत्व
फसल की पूजा : नई फसल की पूजा की जाती है. जिससे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो सके.
किसानों का सम्मान : किसानों का सम्मान किया जाता है, जो फसल उगाने में अपनी मेहनत लगाते हैं.
