Gumla : टाटा एआइजी बीमा कंपनी के विरुद्ध उपभोक्ता फोरम की कार्रवाई
Gumla : जिला उपभोक्ता फोरम गुमला के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, सदस्य सरला गंझू और सैय्यद अली हसन फातमी ने बीमा कंपनी टाटा एआइजी जेनरल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक को 45 दिनों के अंदर ट्रक मालिक जीतू साहू को ट्रक के आइडीभी राशि का 75 प्रतिशत राशि भुगतान करने का आदेश पारित किया है. जानकारी के अनुसार लोहरदगा के रहने वाले जीतू साहू ने मालवाहक ट्रक जिसका नंबर जेएच08सी2638 खरीदी किया और उसका बीमा टाटा एआइजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया. बीमा की अवधि 30 मार्च 2023 से 29 मार्च 2024 तक थी. लेकिन इसी बीच ट्रक नेतरहाट घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. जिसकी प्राथमिकी गुरदरी थाना कांड संख्या 13/ 2023 दिनांक चार अक्तूबर .2023 अंकित किया गया था.
इस घटना के समय ट्रक में सात लोग सवार थे. जिसमें मौके पर दो लोगों की मौत हो गयी थी. गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद गाड़ी मालिक ने बीमा कंपनी से अपना दावा पेश किया और बीमित राशि की मांग की. लेकिन बीमा कंपनी द्वारा ट्रक में सीटिंग क्षमता तीन से अधिक लोगों के सवार होने का तर्क देते हुए लाभुक जीतू साहू को बीमित राशि देने से इनकार कर दिया. बीमित राशि नहीं मिलने के कारण जीतू साहू ने बीमा कंपनी को प्लीडर नोटिस किया. बीमा कंपनी ने प्लीडर नोटिस का जवाब नहीं दिया. जिसके कारण जीतू साहू ने दिनांक 12 अगस्त .2024 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग गुमला में एक शिकायत दर्ज करायी. जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि चूंकि नेतरहाट क्षेत्र पहाड़ियों में बसा है. घने जंगल और नक्सलियों के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं के कारण यात्री बसों का संचालन बहुत कम होता है. इसलिए उस क्षेत्र के पठार और जंगलों में रहने वाले लोग जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए बॉक्साइट लदे ट्रैकों में सवार होने के लिए विवश रहते हैं. ऐसे में किसी गरीब परिवार के अभिभावकों का दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जान जाती है तो उनकी समस्याओं की अनदेखी नहीं की जा सकती है.
बीमा कंपनी द्वारा उपभोक्ता के प्लीडर नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने ट्रक की बीमित आइडीभी राशि आठ लाख 57 हजार 300 का 75 प्रतिशत छह लाख 29 हजार 975 रुपये जीतू साहू को 45 दिनों के अंदर भुगतान करने का आदेश पारित किया है. उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता जीतू साहू को मुकदमे का खर्च दो हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का भी आदेश दिया है. यदि 45 दिनों के अंदर बीमा कंपनी कुल राशि भुगतान करने में असफल रहती है तो उसे अतिरिक्त छह प्रतिशत ब्याज की दर से मूल राशि का भुगतान करने का आदेश पारित किया है.
