Gumla : सभी पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा के लिए बोर्ड लगाये जाएं , उठी मांग
Gumla : समाज सेवी भोला चौधरी ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में जितने भी पर्यटक स्थक, नदी, डैम व घने जंगल हैं, वहां सुरक्षा के मददेनजर सूचनात्मक बोर्ड लगाया जाये. क्योंकि, जोलो कोयल नदी में रविवार को पिकनिक मनाने गये 40 बच्चों में से एक बच्चे की डूबने से मौत हो गयी थी. नवंबर से लेकर जनवरी माह तक पिकनिक का दौर शुरू होगा. उससे पहले सभी पर्यटक स्थानों पर सुरक्षा का बोर्ड व खतरे के निशान का चिन्ह लगाना जरूरी है. जिससे पर्यटक जब घूमने जायेंगे तो वे हादसे के शिकार होने से बच सकते हैं. उन्होंने कहा कि पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा बोर्ड लगाना बहुत जरूरी है. ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद अनुभव हो. ये बोर्ड न केवल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं. बल्कि आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाव में भी मदद करते हैं.
सुरक्षा बोर्ड पर क्या होना चाहिए?
आपातकालीन संपर्क नंबर : पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, और टूरिस्ट हेल्पलाइन के नंबर हो.
सावधानी संदेश : जैसे, पैसे और सामान का ध्यान रखें, असुरक्षित क्षेत्रों में न जाएं, जंगल/पहाड़ी क्षेत्रों में गाइड के बिना न जाएं.
नियम और निर्देश : डैम, नदी व तालाब में बोटिंग क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें. “कूड़ा न फैलाएं, पर्यावरण की रक्षा करें.
मानचित्र और मार्गदर्शन : पर्यटन स्थल का नक्शा, महत्वपूर्ण स्थान और सुरक्षित रास्ते की जानकारी बोर्ड में हो.
स्थानीय जानकारी : पर्यटन स्थलों पर स्थानीय संस्कृति, वन्यजीव, और संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी होनी जरूरी है.
सुरक्षा बोर्ड कहां लगाएं?
प्रवेश द्वार पर, खतरनाक स्थानों (पहाड़ी किनारे, जलाशय, जंगल) के पास, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में व प्रमुख पर्यटन स्थलों (झील, पहाड़, मंदिर) के आसपास.
सुझाव
बोर्ड बहु-भाषीय हों (हिंदी, अंग्रेजी, और स्थानीय भाषा) पर हो. चित्र और संकेतों का उपयोग करें. ताकि सभी समझ सकें. नियमित जांच और रखरखाव करें. स्थानीय पुलिस, वन विभाग, और प्रशासन के साथ समन्वय बनाएं.
