Gumla : झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करे प्रशासन, बोले पुष्कर
Gumla : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो सहित कई आंदोलनकारी मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय को सरकार द्वारा जारी संकल्प 1938 की प्रति उपलब्ध करायी और जल्द से जल्द गुमला जिला के आंदोलनकारियों को सम्मानित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस संकल्प के आलोक में चिन्हित सभी झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान सम्मान के तहत सम्मान पत्र, प्रशस्ति या प्रमाण पत्र के साथ प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित उपायुक्त के माध्यम से किया जाना है.
गुमला जिला प्रशासन झारखंड आंदोलनकारियों के साथ अमर्यादित पूर्ण व्यवहार करना तथा गृह विभाग द्वारा संकल्प जारी सम्मान पत्र वितरण करने का निर्देश दिया. लेकिन गुमला जिला प्रशासन राज्य की स्थापना दिवस पर आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र न देकर अपमानित किया है. सरकार के संकल्प का उल्लंघन हुआ है. सरकार के संकल्प का उल्लंघन करके झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र, प्रशस्ति पत्र या प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करना था. ऐसा नहीं करके गुमला जिला प्रशासन अपमानित कर रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं किया जाना आंदोलनकारियों का ही अपमान नहीं राज्य व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शर्मसार करना है. पुष्कर महतो ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान एवं समाज में स्वाभिमान से जीने का अधिकार दे. पिछली सरकार में भी चपरासियों से सम्मान पत्र प्रशस्ति पत्र वगैरह का वितरण करवा दिया गया था. आज भी बड़ी संख्या में ताम्रपत्र गढ़वा जिला में सड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा झारक्राफ्ट को प्रतीक चिन्ह के निर्माण हेतु पत्र लिखा गया था. लेकिन झारक्राफ्ट ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की. क्यों और किस लिए नहीं की. यह अपने आप में एक सवाल है.
उन्होंने कहा कि जिन भोले- भाले, बहादुर और ईमानदार झारखंड आंदोलनकारियों की इबादत करनी चाहिए. वही राज्य के राजनीतिक कुकुरमुते और सत्ता के दलाल शासन प्रशासन में बैठे लोग झारखंड आंदोलनकारियों को गुमराह और कलंकित करने का इबारत लिख रहे हैं.
