Gumla : ऐसे बनेगा गुमला नशा व अपराध मुक्त
Gumla : गुमला जिले को नशा और अपराध से मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस व जिला प्रशासन ने एक नई और प्रभावी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है. इस रणनीति के तहत शहर के सभी प्रमुख इलाकों और मुहल्लों को अलग–अलग जोन में विभाजित किया गया है. प्रत्येक जोन में एक जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गयी है. इन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जोन के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों से नियमित समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान–प्रदान करें. विशेष रूप से नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें. इसी कड़ी में शुक्रवार को शहर के सिसई रोड स्थित भट्ठी तालाब के समीप एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में मुख्य रूप से एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, टोटो थाना प्रभारी कुंदन सिंह, एसआइ सुनील कुमार सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे.
बैठक के दौरान मुहल्ले के लोगों ने एसडीपीओ के समक्ष नशे से जुड़े व्यक्तियों, अवैध नशा कारोबार करने वालों की गतिविधियों की जानकारी साझा की. साथ ही तेज रफ्तार बाइक चलाने, बुलेट बाइक में गोली जैसी आवाज करने वाले साइलेंसर, देर रात तक पटाखेबाजी और शांति भंग करने की घटनाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने रखीं. लोगों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है और युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर ले जाता है. उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी. बल्कि समाज के सहयोग से नशे की जड़ तक पहुंचकर इसे खत्म किया जायेगा जो भी व्यक्ति नशे का कारोबार करेगा या उसे संरक्षण देगा. उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
एसडीपीओ ने परिवहन नियमों की अनदेखी कर बाइक चलाने वालों पर भी सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि तेज रफ्तार, बिना हेलमेट, अवैध साइलेंसर और ट्रिपल राइड किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि सड़क पर कानून का पालन अनिवार्य है और नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा. एसडीपीओ ने जोन के प्रभारी एसआइ सुनील कुमार को निर्देश देते हुए सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे निडर होकर पुलिस को सूचना दें. उनकी पहचान गोपनीय रखी जायेगी. बैठक के माध्यम से पुलिस–जन सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
