Kamdara : इष्ट देव के ‘पावर’ पर छिड़ी बहस, 60 वर्षीय बैला बुधवा की डंडे से पीट-पीटकर हत्या
Kamdara :गुमला जिले के कामडरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रेडवा चुवांटोली, कामडरा में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया. महज इष्ट देवता की ‘पावर’ को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना खतरनाक मोड़ लेगा, किसी ने सोचा भी नहीं था. 60 वर्षीय बैला बुधवा केरकेटा की डंडे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई. आरोपी फासे उर्फ शनिचरवा केरकेट्टा वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है.
बताया जाता है कि गांव में तोड़ेंगे केरकेट्टा के घर आंगन में उनके पिता भदया बूढ़ा मुंडा के निधन पर पथलगड़ी कार्यक्रम चल रहा था. 23 और 24 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक हजार से अधिक ग्रामीण मौजूद थे. माहौल में शोक के साथ-साथ पारंपरिक रीति-रिवाज और खाने-पीने का दौर भी चल रहा था. इसी दौरान शराब के नशे में धुत बैला बुधवा और आरोपी फासे केरकेट्टा के बीच बहस छिड़ गई.
विवाद की जड़ थी—कौन सा इष्ट देव अधिक शक्तिशाली है. मृतक महादेव को मानता था, जबकि आरोपी ‘अले लुइया’ इष्ट देव को श्रेष्ठ बता रहा था. बहस बढ़ी तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने बैला बुधवा के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और करीब सौ गज तक घसीटते हुए उसे अपने घर से उसके घर की ओर ले गया. हैरानी की बात यह रही कि यह सब करीब हजार लोगों की मौजूदगी में हुआ, लेकिन नशे और अफरातफरी के बीच किसी ने विरोध नहीं किया.
घर पहुंचते ही आरोपी ने बैला बुधवा पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया. मृतक की पत्नी और 14 वर्षीय नाबालिग बेटी बुधनी के सामने ही यह खौफनाक मंजर हुआ. आरोपी ने दोनों को डराकर वहां से भगा दिया. सहमी मां-बेटी कुछ दूरी पर खड़ी होकर लाठी पड़ने की आवाजें सुनती रहीं. जब आवाजें थम गईं, तो बेटी हिम्मत जुटाकर अंदर पहुंची—वहां उसके पिता खून से लथपथ मृत पड़े थे.
ग्राम प्रधान टेटे पहान और मृतक के भतीजे भूखनाथ केरकेटा ने बताया कि दोनों साथ में शराब पी रहे थे. ‘भगत बड़ा कौन’ और इष्ट देव की महिमा को लेकर बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी ने हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दे डाला. सूचना मिलते ही कामडरा थाना के एसआई मुनेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया है. पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
मृतक बैला बुधवा खेती-बाड़ी और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उसके तीन बेटे और दो बेटियां हैं. तीनों बेटे बाहर मजदूरी करते हैं. वह अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था. एक मामूली बहस ने परिवार से उसका सहारा छीन लिया.
गांव में अब मातम और दहशत का माहौल है. सवाल उठ रहा है—जब सैकड़ों लोग मौजूद थे, तो आखिर किसी ने उस वक्त हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? पुलिस जांच जारी है, लेकिन इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.
