Sisai : महामंडलेश्वर ने कहा- सरना और सनातन एक ही परंपरा के अंग
Sisai : गुमला के सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित रावण दहन मैदान में रविवार को विराट हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत महामंडलेश्वर श्रीश्री सुनील शास्त्री जी महाराज और पूजनीय अनंतानंद जी महाराज ने महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर किया. मौके पर सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर सुनील शास्त्री जी महाराज ने कहा कि सरना और सनातन एक ही परंपरा के अंग हैं. लेकिन कुछ लोग साजिश के तहत दोनों को अलग करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भोले-भाले आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है.
उन्होंने चंगाई सभा को मतांतरण का केंद्र बताते हुए कहा कि लोगों को चंगाई के नाम पर बुलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है. उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर सभी ईश्वर की आराधना के स्थान हैं. लेकिन किसी के धर्म को नीचा दिखाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाता है और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के खिलाफ चल रहे कथित ट्रेंड पर भी चिंता जतायी. कहा कि जिस धर्म को इतिहास में कोई मिटा नहीं पाया. उसे समाप्त करने की कल्पना भी नहीं की जानी चाहिये. उन्होंने सरना और सनातनी समाज को एकजुट होने का आह्वान किया.
वहीं उन्होंने रामनवमी के दौरान डीजे पर प्रतिबंध की चर्चा करते हुए मंत्री इरफान अंसारी पर भी टिप्पणी की और कहा कि रामनवमी और सरहुल दोनों पर्वों में डीजे बजेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से धर्म परिवर्तन के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की. पूजनीय अनंतानंद जी महाराज ने कहा कि गाय हमारी माता है और इसके संरक्षण व संवर्धन की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि गाय से मिलने वाला दूध, गोबर और गोमूत्र मानव जीवन के लिए उपयोगी है.
उन्होंने बताया कि उनके गौशाला में लगभग पांच हजार देशी गायें हैं. जिससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है. गोबर और गोमूत्र से गैस प्लांट के माध्यम से गैस भी बनायी जा रही है. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम इसके निरीक्षण के बाद इसे लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से और विकसित करने की योजना बना रही है. इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव ने कहा कि सरना और सनातन परंपराओं में पूजा-पद्धति अलग हो सकती है. लेकिन रीतिरिवाज और परंपराएं समान हैं. उन्होंने कहा कि सरना समाज प्रकृति जैसे पेड़-पौधे, पर्वत, धरती, सूर्य और जल स्रोतों की पूजा करता है और हिंदू समाज में भी प्रकृति की पूजा की परंपरा है. उन्होंने धर्म परिवर्तन को सरना-सनातनी समाज के लिए अभिशाप बताया.
कार्यक्रम को साहू प्रकाश लाल, सचिदानंद उरांव, अजातशत्रु ऋषिनाथ शाहदेव व संजय वर्मा ने भी संबोधित किया और धर्म परिवर्तन व गौ हत्या पर आपत्ति जतायी. इस अवसर पर मंच संचालन दामोदर सिंह ने किया. कार्यक्रम में हिंदू जागरण प्रदेश सदस्य वाणी कुमार राय, जिप अध्यक्ष किरण बाड़ा, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, पूर्व विधायक कोचे मुंडा, कार्यवाहक साहू प्रकाश लाल, डॉक्टर विजय राज, संयोजक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ डेविड, रोहित शर्मा, सह संयोजक सचिदानंद उरांव, दामोदर सिंह, संजय महतो, लक्ष्मी नारायण यादव आंनद कुमार साहू, बलदेव साहू, विपिन झा,राजू साहू, मनोहर नायक, विक्रांत सिंह, कुंदन शर्मा, विनय केशरी, गजराज महतो, नंदकिशोर सिंह, पंकज साहू, सुप्रदीप साहू, चरवा उरांव, संजय पहान, आशीष यादव, सचिन नाग, दीपक अधिकारी, तेज नारायण सिंह, रामनिवास उरांव, पूर्णिमा देवी, तीजा उरांव, संदीप साहू, अंकित सोनी, संगीता तिर्की, राजन साहू, भोला प्रसाद केशरी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे.
