राजनीति

Gumla : समीर उरांव ने कहा– यूपीए को श्रीराम के नाम से परहेज

Gumla : भाजपा एसटी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि मनरेगा अब जी राम जी योजना में बदल गया है. यह नयी योजना ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए है. इसके तहत, श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार की गारंटी मिलेगा, जो पहले 100 दिन था. इसमें न्यूनतम मजदूरी दर निर्धारित है. तालाब, जलाशय और नहरों की खुदाई और मरम्मत जैसे काम होंगे. सड़क निर्माण, वृक्षारोपण और अन्य विकास कार्य किये जायेंगे. इस योजना से महिलाओं को विशेष रूप से लाभ मिलेगा. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को बढ़ावा देने के लिए है. श्री उरांव ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि नाम बदलने से फर्क नहीं पड़ेगा. काम से फर्क पड़ेगा.

उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी से पहले भगवान राम है. श्रीराम के नाम से किसी को परहेज नहीं है. परंतु यूपीए को श्रीराम के नाम से परहेज है. यूपीए की सरकार जबतक रही. मनरेगा जो अब जी राम जी योजना है. इस मनरेगा को लूटते रही है. कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त रही है. झारखंड में झामुमो से मिलकर कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. पीएम नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का सपना देंखे है. जिसे पूरा करना है. जी राम जी योजना को गांव-गांव और हर एक मजदूरी तक पहुंचाना है. देश आगे बढ़े. इसपर काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि पहले नरेगा था. जिसे बाद में मनरेगा किया गया. अब यही मनरेगा जी राम जी योजना हो गयी है. पहले मनरेगा में कई खामियां थी. इस कारण इस योजना का लाभ मजदूरों को नहीं मिलता था. मनरेगा का लाभ कोई और ले रहा था. परंतु, अब जी राम जी योजना का लाभ सीधे कृषक व मजदूरों को मिलेगा. जी राम जी योजना का एक ही मकसद है. श्रमियों व किसानों को लाभ देना. जी राम जी योजना का यूपीए विरोध कर रहा है. इसके पीछे यूपीए का स्वार्थ है. इस योजना के तहत रोजगार सेवक कार्यरत हैं. अब रोजगार सेवकों को मानदेय मिलने में परेशानी नहीं होगी. पहले मनरेगा से 33 प्रतिशत लोगों को ही लाभ मिलता था. परंतु अब 100 प्रतिशत लोगों को शुद्ध रूप से लाभ मिलेगा. अब तकनीकी आधारित काम होगा.

मौके पर भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव, प्रदेश मंत्री मुनेश्वर साहू, जिला अध्यक्ष सागर उरांव, पूर्व अध्यक्ष अनूपचंद्र अधिकारी, भैरव सिंह खेरवार, सत्यनारायण पटेल सत्ता, निर्मल गोयल, विजय शंकर दास, प्राण गोविंद दत्ता, भोला चौधरी, रामावतार भगत, शंकुतला उरांव, गुडडी, विपीन सिंह, हरिहर साहू सहित कई लोग थे.

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