गुमला

Prakash Parv : गुमला में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व की तैयारी शुरू, श्रद्धा और उत्साह का माहौल

Prakash Parv : गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की तैयारी बुधवार से गुमला में आरंभ हो गयी है. इस अवसर पर शहर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण व्याप्त है. प्रातः पालकोट रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब से प्रभात फेरी निकाली गयी, जो पंजाबी गली एवं सिसई रोड से होकर गुजरी. मार्ग में संगत ने “वाहे गुरु” के जयकारे लगाते हुए गुरु वाणी एवं शब्द-कीर्तन का गायन किया. इस प्रभात फेरी में महिला, पुरुष, बच्चे, बूढ़े सभी ढोलक आदि के साथ श्रद्धा पूर्वक भजन गाते नजर आये.

संरक्षक सरदार महेंद्र सिंह सचदेव तथा रणजीत सिंह ने कहा कि समाज के सभी नवयुवकों की सहभागिता में गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह, गगनदीप सिंह को सभी आयोजन के लिए जवाबदेही दी गयी है. गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अनुसार पांच दिनों तक प्रभात फेरियां शहर के विभिन्न मार्गों में आयोजित की जायेगी. तीन नवंबर को विशाल नगर कीर्तन निकाला जायेगा. जिसमें सजाये गये पालकी साहिब, कीर्तन जत्थे और श्रद्धालु शामिल होंगे. नगर कीर्तन जशपुर रोड गुरुद्वारा से आरंभ होकर पटेल चौक, मेन रोड होते हुए टावर चौक से गुजर कर पालकोट रोड गुरुद्वारा तक जायेगा. जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे. मुख्य आयोजन पांच नवंबर को गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जायेगा.

ईश्वर एक है और सब में विद्यमान हैं

सचिव सरदार रंजीत सिंह ने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1469 ई को पंजाब के तलवंडी गांव (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ था. उन्होंने बाल्यावस्था से ही समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वासों और ऊंच-नीच की भावना का विरोध किया. गुरु नानक देव जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से समानता, सेवा, सत्य, और प्रेम का संदेश दिया. उन्होंने नाम जपना, कीरत करना, और वंड छकना इन तीन सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी. दिलदार सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव के प्रमुख उपदेश के अनुसार ईश्वर एक है और वह सबमें विद्यमान है. सभी मनुष्यों द्वारा मेहनत और ईमानदारी से जीवन यापन करते हुए जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची पूजा है. गुरु नानक देव जी के जीवन और उपदेश आज भी समाज को एकता, मानवता और शांति का मार्ग दिखाते हैं.

कार्यक्रम में शामिल लोग

प्रभात फेरी के कार्यक्रम में गुरुद्वारा के अध्यक्ष सरदार महेंद्र सिंह, सचिव सरदार रंजीत सिंह, कमलेश कौर, रविंद्र कौर, जशवंत कौर सहित गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन गुमला के अध्यक्ष जसबीर सिंह प्रिंस तथा गगनदीप सिंह रज्जी सहित सरदार गुरविंदर सिंह, सरदार मनोहर सिंह, सरदार दिलदार सिंह, प्रीतपाल सिंह, प्रीतम सिंह, रौनक सिंह, गुरविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, सिमरजीत सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, गुरमीत सिंह, हरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, होशियार सिंह, गुरमीत सिंह, छोटू सिंह, काले सिंह, राजिंद्र कौर, इंदु कौर, कवलजीत कौर, कमलजीत कौर, कंवलजीत कौर, चरणजीत कौर, हरजीत कौर, तरनजोत कौर, जसवंत कौर, हेमा कौर, कमलेश कौर, राजा सिंह सहित कई लोग थे.

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