गुमला

Gumla : रास्ता नहीं है, कंधे पर गर्भवती महिला ढोयी गयी, रास्ते में मौत

Gumla : सड़क के आभाव में आदिम जनजाति गर्भवती महिला सुकरी देवी की मौत हो गयी. पेट में दर्द होने के बाद उसे कंधे पर ढोकर अस्पताल लाया जा रहा था. परंतु, रास्ते में महिला की जान चली गयी. मामला, गुमला जिले के घाघरा प्रखंड स्थित दीरगांव पंचायत के झलकापाट गांव की है. जगन्नाथ असुर की गर्भवती पत्नी सुकरी देवी की मौत से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है. परिजन सुकरी देवी को बहंगी में डालकर और कंधे पर ढोकर अस्पताल के लिए निकले. गांव में सड़क नहीं है. इसलिए झलकापाट गांव से लगभग एक किमी दूर काड़ासिल्ली गांव तक पैदल चले.

पठारी, दुर्गम व नक्सल इलाके में यह एक किमी का सफर किसी जंग से कम नहीं था. काड़ासिल्ली तक पहुंचने के बाद ममता वाहन से गर्भवती महिला को घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां महिला की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने तत्काल सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया. लेकिन इलाज की जद्दोजहद के बीच सिस्टम की देरी व बुनियादी सुविधाओं की कमी ने आदिम जनजाति की गर्भवती महिला की जान ले ली. सदर अस्पताल पहुंचते-पहुंचते सुकरी ने सड़क पर ही दम तोड़ दिया. गांव में आजादी के 78 साल बाद भी सड़क नहीं बनी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *