गुमला के दुंदुरिया में डंपिंग यार्ड का विरोध, हटाने की मांग उठी, कूड़ा कचरा से लोग परेशान
गुमला शहर के दुंदुरिया टोंगरी के समीप प्रशासन द्वारा बनाये गये डंपिंग यार्ड का विरोध शुरू हो गया है. ग्रामीणों ने दुंदुरिया से डंपिंग यार्ड हटाने की मांग की है. ग्रामीणों की शिकायत है. दुंदुरिया बस्ती के सामने कूड़ा कचरा फेंकने वाला डंपिंग यार्ड बना दिया गया है. पूरा डंपिंग यार्ड कूड़ा से भर गया है. यहां तक कि रास्ते में भी नगर परिषद ने कूड़ा कचरा जमा कर दिया है. जिससे बस्ती में रहने वाले व डंपिंग यार्ड के सामने जो रास्ता है. वहां से गुजरने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है. जिस प्रकार का दुर्गंध इलाके में फैल रहा है. बीमार फैल सकती है.
डंपिंग यार्ड के विरोध में ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात मुहल्ले में बैठक की. बैठक में मिशन बदलाव के संयोजक भूषण भगत उपस्थित थे. ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन यहां से डंपिंग यार्ड हटाये. नहीं तो आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा. मिशन बदलाव के भूषण भगत ने बताया कि बैठक में लोगों ने बताया कि प्रशासन ने निजी जमीन पर जबरन डंपिंग यार्ड बना दिया है. जहां कूड़ा कचरा फेंका जा रहा है. एक तो प्रशासन ने जमीन छिनी. दूसरी तरफ कूड़ा कचरा फेंककर इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी से प्रशासन खेल रहा है. वर्ष 2022 में ग्रामीणों द्वारा डंपिंग बनाने के विरोध में जिला प्रशासन को आवेदन दिया था. उस समय के उपायुक्त ने हटाने का वादा किया था.
परंतु, अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. मौजूदा समय में डंपिंग यार्ड से कई गांव एवं मोहल्ले प्रभावित है. दुर्गंध के कारण जनसमुदाय काफी परेशान है. कहीं न कहीं कई गंभीर बीमारी होने की संभावना देखी जा रही है. कूड़ा कचड़ा खाने से कई मवेशियों के बीमार होने और मवेशियों की मरने की बात ग्रामीणों द्वारा बतायी गयी. उपरोक्त डंपिंग के बगल में राजकीय फार्मेसी कॉलेज, टीबी उन्मूलन सेंटर भी है. वहां पर प्रशासन द्वारा जो सामाजिक कार्य हेतु राशि खर्च की गयी है. वह डंपिंग की वजह से बेकार साबित हो रहा है. मौके पर मिशन बदलाव के बिनय टोप्पो, सूरज कुमार, अनंत कुमार, सागर, गौतम, इरिक्स, मनीष सहित मोहल्ले के लोग उपस्थित थे.
