संस्कृति

सरहुल पर्व : शोभायात्रा में 60 हजार से अधिक भीड़, नगाड़ा व मांदर से गूंजा गुमला

गुमला में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. गुमला शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली गयी. 60 हजार से अधिक लोग शामिल थे. लोगों का उत्साह चरम पर था. हर पांव सड़कों पर थिरकते नजर आया. हर हाथ मांदर व नगाड़ा को मधुर धुन देने में व्यस्त था. लोग एक दूसरे का हाथ पकड़ नाच गा रहे थे. गुमला शहर में दिन के तीन बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में थे. मांदर, ढोल व नगाड़ा की थाप पर थिरक रहे थे. शोभायात्रा में केंद्रीय सरहुल संचालन समिति के पदाधिकारी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारी थे. शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. जगह जगह पर पुलिस बल तैनात था. शोभायात्रा में गांव, टोला व अखाड़ा के लोग नाचते गाते चल रहे थे. महिलाएं लाल पाड़ी साड़ी व पुरुष धोती कुर्ता में थे. कानों में सरई का फूल था. युवक व युवितयों में खासा उत्साह था. सभी लोग उछल कूदकर नृत्य कर रहे थे. बुजुर्ग महिला व पुरुष भी पीछे नहीं थे. पुरुष जहां ढोल व मांदर बजा रहे थे. वहीं महिलाएं नाच रही थी. इससे पहले विभिन्न सरना स्थलों में बैगा, पुजार व पहान द्वारा सरना व धरती माता की पूजा की गयी. शोभायात्रा शहर के लोहरदगा रोड, थाना रोड, टावर चौक, पालकोट रोड, सिसई रोड होते हुए पुन: टावर चौंक, मेन रोड, लोहरदगा रोड होते हुए सरना उरांव छात्रावास दुंदुरिया में पहुंचकर संपन्न हुई.

जुलूस में शामिल प्रमुख लोग

पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, विधायक भूषण तिर्की, नगर परिषद की अध्यक्ष शकुंतला उरांव, नगर परिषद के उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, पूर्व विधायक कमलेश उरांव, शिवशंकर उराव, निर्मल गोयल, मनीष कुमार हिंदुस्तान, भोला चौधरी, रणजीत सिंह, रोहित उरांव, सत्यनारायण पटेल, अमर प्रदीप कुजूर, अमृता भगत, कृष्णा उरांव, बसंत उरांव, राजनील तिग्गा, राजेश लोहानी, दीपक कुमार गुप्ता, अरविंद मिश्रा, दामोदर कसेरा, संदीप जायसवाल, शंभू कुमार सिंह, शशि प्रिया बंटी, अनमोल गुप्ता संजय वर्मा, पदम साबू, कौशलेंद्र जमुआर, रोहित उरांव, मनमोहन सिंह, नितेश यादव, दिनेश अग्रवाल, सरजू प्रसाद, मो मिन्हाज, विकास सिंह, केशव सिंह, विपीन सिंह, संजय वर्मा, मंगल सिंह भोक्ता, बृज फोगला पप्पू,  अमित एक्का, कृष्णा उरांव, डॉ अविनाश कुमार, डॉ पीसीके भगत, रोहित भगत, मो मुख्तार आलम सहित कई लोग थे.

सरहुल संचालन समिति के लोग

दीपनारायण उरांव, कुरा उरांव, कमलेश उरांव, गलु उरांव, देवराम भगत, मंगलाचरण उरांव, सागर उरांव, प्रदुमन भगत, गोविंदा टोप्पो, संत कुमार उरांव, सुनील उरांव, आलोक भगत, बलकु उरांव, जयप्रकाश उरांव, कमल उरांव, आनंद भगत, कमलेश उरांव, गलु उरांव, देवराम भगत, मंगलाचरण उरांव, सागर उरांव, प्रदुमन भगत, गोविंदा टोप्पो, संत कुमार उरांव, सुनील उरांव, आलोक भगत, बलकु उरांव, जयप्रकाश उरांव, कमल उरांव, आनंद भगत, जितेश मिंज, देवराम भगत, जयप्रकाश उरांव, मनिजर भगत, संदीप उरांव, प्रेमचंद बाड़ा, सुखराम उरांव, भरथु उरांव, संतोष उरांव, राहुल उरांव, रवि उरांव, शिवनंदन उरांव, जगदीश उरांव, बाबूलाल उरांव, सचिन उरांव, धमेंद्र उरांव, आशीष उरांव, रोशन भगत, मुकेश उरांव, रोहित उरांव, संदीप उरांव, पंकज उरांव, कमल उरांव, बसंत उरांव, सुनील उरांव, दीपक लकड़ा, बुद्धेश्वर उरांव, चैतू उरांव, गोविंदा टोप्पो थे.

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