Train Cancelled : लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर क्यों पसरा सन्नाटा? यात्री बेहाल
Train Cancelled : ट्रेनों का परिचालन बंद होने से लोहरदगा रेलवे स्टेशन इन दिनों वीरानगी की चादर ओढ़े हुए है. आम दिनों में हजारों यात्रियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला यह स्टेशन अब पूरी तरह सुनसान नजर आ रहा है. राजधानी, चोपन एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के नहीं आने से प्लेटफॉर्म पर सन्नाटा पसरा है. वर्तमान में केवल टोरी से लोहरदगा के बीच एक मेमू ट्रेन चलायी जा रही है, जो यात्रियों की जरूरतों के लिए नाकाफी साबित हो रही है.
3000 यात्रियों का सफर हुआ मुश्किल
लोहरदगा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग तीन हजार यात्री सफर करते थे. लोहरदगा के अलावा सिमडेगा, गुमला और लातेहार जिले के लोग भी लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने के लिए यहीं पहुंचते थे. रेल सेवा प्रभावित होने से सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और गंभीर बीमारियों का इलाज कराने रांची जाने वाले मरीजों को हो रही है. मजबूरन लोगों को निजी बसों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त मार पड़ रही है. हालांकि, रेलवे की ओर से ईरगांव तक बस सेवा संचालित की जा रही है, लेकिन यात्रियों के लिए यह नाकाफी है.
व्यापार और परिवहन पर गहरा असर
ट्रेनों के बंद होने का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. स्टेशन परिसर में चाय-नाश्ते की दुकानें और छोटे व्यवसायियों की बिक्री लगभग ठप हो गयी है. स्टेशन के बाहर पहले जहां सैकड़ों ऑटो रिक्शा कतारबद्ध खड़े रहते थे, वहां अब वीरानगी है. ऑटो चालकों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय नागरिकों ने रेल प्रशासन से जल्द से जल्द सभी प्रमुख ट्रेनों का परिचालन बहाल करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र का संपर्क रांची सहित अन्य बड़े शहरों से फिर से सुगम हो सके और स्टेशन की रौनक वापस लौट सके.
