Gumla : गुमला में तीन हादसे, चार लोगों की मौत
Gumla : गुमला जिले में सोमवार की रात सड़क हादसों ने कहर बरपा दिया. महज दो घंटे के भीतर तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गयी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने परिवहन विभाग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. पहली घटना में रात 9.00 बजे के आसपास शहर के पालकोट रोड सरनाटोली में पंचु खड़िया (करीब 28 वर्ष) सड़क किनारे टहल रहे थे. तभी एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पीछे से टक्कर मार दी. चालक मौके से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल पंचु को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
दूसरी घटना में करीब साढ़े नौ बजे के बीच एक और बड़ा हादसा सामने आया. सेमराडीह निवासी मनोज कुजूर (26 वर्ष) अपने साथी रोहित मांझी के साथ बाइक से लौट रहे थे. तभी तेलीपाड़ा के पास एक तेज रफ्तार टेंपो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. इस हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी. इस घटना से मातम का माहौल है. तीसरी घटना रात 7.00 बजे रांची-गुमला मुख्य मार्ग पर खोरा गांव के समीप घटी. जहां तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गयी. इस हादसे में बुधु उरांव की मौके पर ही मौत हो गयी. मंगलवार को चारों शवों का गुमला सदर अस्पतान में पोस्टमार्टम हुआ. इधर मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
परिवहन विभाग पर उठे सवाल
इन हादसों ने एक बार फिर जिले की बदहाल यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण क्यों नहीं है.
ओवरलोडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में विभाग पूरी तरह विफल क्यों है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर न तो पर्याप्त पुलिस निगरानी है और न ही स्पीड कंट्रोल का कोई ठोस इंतजाम. यही कारण है कि आये दिन हादसे हो रहे हैं और निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. लगातार हो रही मौतों के बावजूद परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. परिवहन विभाग सिर्फ राजस्व वसूली के लिए गाड़ियों को रोकती है. हेलमेट व कागजात जांच करने तक विभाग सीमित रह गया है.
