बच्ची से रेप करने के आरोपी को 20 साल की सजा
गुमला के सिसई प्रखंड से दो साल पूर्व सामने आये एक बेहद संवेदनशील मामले में पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा दी है. एडीजे-फोर सह एक्सक्लूसिव स्पेशल जज पॉक्सो की अदालत ने आरोपी जीतराम उरांव को दोषी करार देते हुए 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इस मामले में सरकार की ओर से एडिशनल पीपी सुधीर टोप्पो ने पैरवी की. पूरा घटनाक्रम 23 जुलाई 2024 की है. थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार घटना के दिन सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच आरोपी जीतराम उरांव, जो दूर के रिश्ते में पीड़िता की मां का ससुर लगता था.
वह उनके घर पहुंचा. उसने बगल के कमरे में आराम करने के लिए चटाई बिछाने को कहा. तभी मां ने अपनी पांच वर्षीय बेटी को चटाई बिछाने भेज दिया. कुछ देर बाद 10 वर्षीय बेटा जब कमरे में देखने गया तो उसने देखा कि आरोपी उसकी बहन का मुंह दबाकर दुष्कर्म कर रहा था. बेटा घबराकर दौड़ते हुए मां के पास आया और पूरी घटना बतायी. मां जब मौके पर पहुंची तो आरोपी कपड़े पहन रहा था और मासूम बच्ची डरी-सहमी हालत में रो रही थी.
इसी दौरान उसे पकड़ कर पूछताछ के दौरान आरोपी वहां से फरार हो गया था. घटना के बाद जब मां ने बच्ची को शांत कर पूछा, तो उसने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार उसे डरा-धमकाकर दुष्कर्म कर चुका है. बच्ची ने यह भी बताया कि आरोपी उसे धमकी देता था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी हत्या कर देगा और जमीन में गाड़ देगा. मां ने बताया कि बच्ची पिछले एक महीने से अंदरूनी दर्द की शिकायत कर रही थी. लेकिन परिवार को इस घिनौनी सच्चाई का अंदाजा नहीं था. जब 23 जुलाई को घटना आंखों के सामने आयी. तब सच्चाई सामने आयी. हिम्मत जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज की गयी थी. फिर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
आरोपी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ
इधर मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता बी कुजूर और राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक सुधीर टोप्पो उपस्थित रहे. आरोपी को गुमला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया. सभी गवाहों, साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत सजा सुनायी.
