Gumla : भारतमाला सड़क परियोजना के मजदूरों का बवाल, देखें वीडियो
Gumla : भारत माला सड़क बना रही शिवालया कंपनी के कार्यालय में मजदूरों ने बवाल किया. कंपनी के एचआर का कॉलर पकड़कर कार्यालय से घसीटकर बाहर निकाला. इसके बाद पिटाई कर दी. एचआर को बचाने आये एक अन्य कर्मी से भी हाथापाई हुई. मजदूरों ने बकाया मजदूरी की मांग को लेकर हंगामा किया. कंपनी के अस्थायी कैंप में नाइट गार्ड की डयूटी करने वाले मजदूरों को अबतक मजदूरी नहीं मिली है. मजदूरों का आरोप है. मजदूरी मांगने पर कंपनी के एचआर आज कल कहकर टाल रहा है. जब सभी मजदूर एकजुट होकर मजदूरी मांगने गये तो एचआर उनसे अभद्र व्यवहार किया. इसके बाद मामला गरमाया. दूसरी तरफ एचआर का कहना है कि कंपनी से जैसे ही भुगतान प्राप्त होगा. मजदूरों का बकाया मजदूरी का भुगतान कर दिया जायेगा.
भारत माला सड़क का विवाद गहराने लगा है
भारत माला सड़क परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. भूमि मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. धार्मिक स्थल पर रोड बनाने से भी विवाद गहराया हुआ है. गांधी के अनुयायी टाना भगत भी अपनी जमीन को बचाने के लिए महीनों से आंदोलनरत हैं. डीसी कार्यालय तक का घेराव कर चुके हैं. अब ताजा मामला सड़क बना रही शिवालया कंपनी द्वारा मजदूरों को मजदूरी नहीं देने का मामला गरमा गया है. सोमवार को बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण कार्य में लगे एचआर कर्मी के साथ तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई की गयी. ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी द्वारा काम तो कराया गया. लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है. भुगतान को लेकर कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गयी. जिससे लोगों में भारी नाराजगी है. आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जतायी.
नाइट गार्डो ने दिया आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे. काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अब तक बकाया है. उन्होंने बताया कि विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी.
