बुचीडाड़ी गांव पहुंचे उपायुक्त दिलेश्वर महतो, सड़क व पेयजल समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो जिले के अधिकारियों के साथ बुधवार को रायडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती कोब्जा पंचायत के बुचीडाड़ी, नवाटोली, गलगोटरी, नकटीझरिया गांव का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान ग्रामीणों ने गांव तक पक्की सड़क, स्वच्छ पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, चबूतरा निर्माण तथा वर्षों से बंद पड़े विद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग रखी. ग्रामीणों ने बताया कि बुचीडाड़ी गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है. किसी के बीमार होने या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिये करीब पांच किलोमीटर तक खाट पर लादकर रमजा मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जहां से ऐंबुलेंस की सुविधा मिलती है. सड़क के अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना कठिन हो गया है. मौके पर एसी राजीव नीरज, एसडीओ अखिलेश कुमार, डीटीओ, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीएसओ, बीडीओ, सीओ सहित कई अधिकारी थे.
ग्रामीणों से सीधे रूबरू हुए उपायुक्त
गांव भ्रमण के बाद उपायुक्त कोब्जा पंचायत भवन पहुंचे, जहां आयोजित जनसभा में ग्रामीणों से संवाद किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन गांवों के समग्र विकास के लिये प्रतिबद्ध है और चरणबद्ध तरीके से सभी मूलभूत सुविधायें उपलब्ध करायी जायेगी. उपायुक्त ने बुचीडाड़ी पहुंच पथ निर्माण के लिये विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार को भेजने की बात कही. साथ ही मनरेगा के तहत सड़क की भौतिक मार्किंग कर उसे पहले आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया.
पेयजल, स्वरोजगार और कृषि विकास पर जोर
उपायुक्त ने बुचीडाड़ी, गलगुटरी, नवाटोली और अवरालोंगरा गांवों में जल्द बोरिंग कराकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर मुर्गीपालन, बकरी पालन एवं सूकर पालन जैसे स्वरोजगार अपनाने की सलाह दी. किसानों की आय बढ़ाने के लिये तालाब निर्माण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और भूमि संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को गांव की छोटी-बड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, जोहार परियोजना के कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
