तीन दिनों के अंदर वापस काम पर नहीं लौटने वाले मनरेगा कर्मियों के विरूद्ध होगी कठोर कार्रवाई, आदेश जारी
उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा कोषांग) गुमला द्वारा पत्र जारी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये सभी मनरेगा कर्मियों को सेवा पर वापस लौटने का निर्देश दिया है. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि तीन दिनों के अंदर सेवा पर वापस नहीं लौटने वाले संबंधित कर्मियों के विरूद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी. बतातें चले कि इससे पूर्व भी गत 29 मई 2026 को ही उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा कोषांग) गुमला द्वारा पत्र जारी कर सभी मनरेगा कर्मियों को वापस सेवा पर लौटने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद अब तक सभी मनरेगा कर्मी वापस सेवा पर नहीं लौटे हैं.
गुमला जिला के मनरेगा कर्मी अपने विभिन्न मांगों को लेकर विगत माह मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मनरेगा कर्मियों के हड़ताल के कारण मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है. चूंकि महात्मा गांधी नरेगा योजना मांग आधारित योजना है एवं ग्रामीणों द्वारा काम की मांग के आधार पर उन्हें 15 दिनों के अंदर रोजगार उपलब्ध कराना होता है. ऐसी परिस्थिति में मनरेगा कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण मनरेगा योजना के क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों को ससमय रोजगार उपलब्ध कराने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. मनरेगा कर्मियों के हड़ताल के कारण मार्च, अप्रैल व मई माह में निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध काफी कम मानव दिवस का सृजन किया जा सका है.
इधर, तीन दिनों के अंदर सेवा पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु बीडीओ को भी निर्देशित किया गया है. जिसके तहत तीन दिनों के अंदर वापस सेवा पर नहीं लौटने वाले कर्मियों की सूची अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि वापस सेवा पर नहीं लौटने वाले कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
