गुमला

सफाई एजेंसी के खिलाफ कर्मियों ने खोला मोर्चा, शहर में सफाई ठप करने की चेतावनी

गुमला नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने नगर परिषद से संबंद्ध सफाई कार्य एजेंसी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है. गुमला वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक इस कार्य एजेंसी के मातहत काम करके सफाई कर्मी ख़ुद परेशान महसूस कर रहे हैं. सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उक्त एजेंसी के मैनेजर कार्य दिवस में कार्य करने के बावजूद हमेशा उनका वेतन काट देते हैं. पहले उन्हें महीने में 26 दिन कार्य करना पड़ता था. प्रत्येक रविवार उनकी छुट्टी होती थी और उन्हें 30 दिनों का वेतन नगर परिषद द्वारा भुगतान किया जाता था. लेकिन इस एजेंसी के आने के बाद एक तो अनुपस्थित दिखाकर प्रत्येक रविवार का भुगतान काट दिया जाता है.

इसके बावजूद 26 दिनों में कभी दो दिनों का तो कभी चार दिनों का वेतन जबरन काटकर 22 से 24 दिनों का ही भुगतान उन्हें किया जाता है. सफाई कर्मियों का आरोप यह भी है कि एजेंसी के मैनेजर उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं करते. उन्हें हमेशा भागने और काम से हटाने की धमकियां देते हैं. सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनके पीएफ का पैसा कट रहा है या नहीं कट रहा है. इस बाबत भी उन्हें जानकारी नहीं दी जा रही है.

एजेंसी के मैनेजर से कोई बात पूछने पर सही से जवाब नहीं देकर उन्हें फटकार लगायी जाती है. सफाई कर्मियों का यह भी आरोप है कि नगर परिषद में कार्यरत पदाधिकारी उन्हें वजनदार गंदगी को नहीं उठाने का निर्देश देते हैं. जबकि एजेंसी के मैनेजर यह कहते हैं कि कचरा के टिप्पर में अधिक से अधिक वजन का कचरा उठाव होना चाहिए. इस दो तरह के निर्देशों के बीच सफाई कर्मी पीस रहे हैं. इस संबंध नगर उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी से शनिवार को सफाई कर्मियों ने उनके आवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने अपनी समस्याओं से नगर उपाध्यक्ष को रूबरू कराया. सफाई कर्मियों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सभी सफाई कर्मी सामूहिक तौर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जायेंगे.

सफाईकर्मियों की समस्याओं को सुनने के बाद नगर परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि पिछले बोर्ड की बैठक में यह पारित हो चुका है कि नगर की सफाई के लिए एजेंसी की कोई जरूरत नहीं है. अब नगर परिषद सीधे तौर पर सफाईकर्मियों से शहर की सफाई करायेगी. जैसा के पूर्व से होता चला रहा था. इसके बावजूद अभी तक उक्त कार्य एजेंसी के माध्यम से शहर की सफाई कराना समझ से परे है. उन्होंने कहा कि वे इलाज के लिए 15 जून को बाहर जा रहे हैं. आगामी बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाकर सफाई कर्मियों को न्याय दिलायेंगे.

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