बोले कर्मचारी- वेतन नहीं मिला तो पल्स पोलियो की ड्यूटी नहीं करेंगे
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गुमला के नेतृत्व में झारखंड चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, अनुबंध कर्मचारी संघ व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा गुमला शहर में विशाल जुलूस निकाला गया. प्रदर्शन किया गया. कचहरी परिसर गुमला में धरना दिया गया. विभिन्न मांगों को लेकर निकाला गया जुलूस पटेल चौक से होते हुए टावर चौक, मेन रोड होते हुए सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचा. इस प्रदर्शन में लगभग 1000 से अधिक सरकारी, अनुबंध, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भाग लिये. सभी कर्मचारी शांति पूर्ण के साथ काफी आक्रोश में दिख थे.
झारखंड सरकार के खिलाफ खासकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. प्रदर्शन स्थल पर एक आमसभा किया गया. जिसमें प्रखंड से आये कर्मचारियों ने अपनी कठिनाई को रखते हुए कहा कि कम वेतन पर काम करने के बावजूद पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण घर व परिवार की माली हालत खराब हो गयी है. बच्चों की पढ़ाई नहीं करा पा रहे हैं. राशन खरीदने के लिए पैसे नहीं है. किराया के मकान में रहकर सुदूर प्रखंड में काम करते हैं. हमलोगों का जीवन पर असर पड़ रहा है. जल्द वेतन नहीं मिला तो पल्स पोलियो का ड्यूटी नहीं करेंगे. सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर एसीएमओ को महासंघ, चिकित्सा संघ, अनुबंध कर्मचारी संघ के अलग अलग पैड पर 16 सूत्री मांगपत्र दिया गया. वार्ता में एसीएमओ, डैम, डीपीएम, लेखा प्रबंधक, प्रधान लिपिक ने बताया कि एनआरएचएम के बिल कोषागार भेजा गया है. कुछ तकनीकीं दिक्कत आ रही है. सुधार होते ही वेतन भुगतान हो जायेगा. आउटसोर्सिंग का आवंटन सरकार से अभी प्राप्त हुआ है. जल्द ही भुगतान कर दिया जायेगा.
जिला सचिव भूषण कुमार ने कहा कि इस महंगाई के समय में कम वेतन पर काम करने के बावजूद पांच महीनों से वेतन नहीं मिलना सरकार की नाकामी है. वेतन के अभाव में जामताड़ा जिला के अनुबंध कर्मचारी रेखा कुमारी की मृत्यु हो गयी. उसके परिवार को 10 लाख मुआवजा, अनुकंपा में नौकरी मिले. जीतवाहन उरांव सचिव ने कहा कि एकजुट होकर आंदोलन करते रहना पड़ेगा. रघुनंदन वैध ने कहा कि मांग के प्रति सरकार गंभीर नहीं है. मो शहाबुद्दीन, पुरुषोत्तम साहू अध्यक्ष, मंजुषा लकड़ा, सुशीला कुमारी, मो रिजवान, बोनिफास, अशोक पंडित, मो शहजाद, अनूप कुमार नंद, रणधीर निधि, शिवनारायण सिंह, फहीम चौधरी, उपासना, ललिता कुमारी, जरेलदिना किंडो, रीना तिर्की, सुषमा, सुरेश उरांव, मो सैमुअल, नेहा लकड़ा, अलका रानी, रश्मि कुजूर, नूर महिमा किंडो, अलका, मंजू, रेशमा, बिरजनी, रोजमेरी, रसिता सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
