गुमला

उपायुक्त का कड़ा निर्देश, बसों में मनमाना किराया वसूली की होगी जांच

जिला सड़क सुरक्षा समिति गुमला की विशेष बैठक उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को हुई. बैठक में जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया. साथ ही ब्लैक स्पॉट के सुदृढ़ीकरण, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन एवं बस एसोसिएशन द्वारा किराया में वृद्धि जैस विषयों पर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया.

बैठक में बस एसोसिएशन द्वारा हाल ही में बस का किराया बढ़ाये जाने के विषय पर विस्तार से वार्ता किया गया. इस मामले को उपायुक्त ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि इस आशय में जल्द से जल्द एक विशेष बैठक कर वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी ली जाये. इसके साथ ही बस स्टैंड और बसों का औचक निरीक्षण भी किया जाये ताकि यात्रियों से मनमाना भाड़ा वसूलने की सत्यता की जांच की जा सके और दोषियों पर लगाम लगायी जा सके. वहीं सड़कों की जर्जर स्थिति और सुरक्षा उपायों की गंभीरता से समीक्षा किया गया.

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से जमीनी स्तर पर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. शहर के प्रमुख उर्मी चौक पर गोलंबर और रंबल स्ट्रिप का निर्माण कार्य को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया. इसके साथ ही दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले जोड़ाजाम ब्लैक स्पॉट के सुदृढ़ीकरण के लिए वहां तत्काल हाई मास्ट लाइट लगाने की स्वीकृति प्रदान की गयी ताकि रात के अंधेरे में होने वाले सड़क हादसों पर प्रभावी रूप से रोक लगायी जा सके. वहीं गुमला से घाघरा रोड पर चल रहे अस्थायी मरम्मत कार्यों को भी एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से खत्म करने की सख्त हिदायत दी गयी.

शहर के केओ कॉलेज मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए इसके चौड़ीकरण के लिए जल्द ही संबंधित विभाग को औपचारिक प्रस्ताव भेजने की बात कही गयी. इसके अलावा उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि हाईवे पर अनाधिकृत रूप से बनाये गये सभी अवैध कट को अगले दस दिनों के भीतर पूरी तरह से बंद कर दिया जाये. सड़क हादसों के दौरान घायल लोगों की जान बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को आपसी समन्वय स्थापित कर काम करने को कहा गया. हाईवे पर दुर्घटना के शिकार लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टोल प्लाजा के पास एक और हाईवे एंबुलेंस की मांग मजबूती से रखा गया.

साथ ही हाईवे हेल्पलाइन नंबर को और अधिक सक्रिय करने तथा एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 15 मिनट से भी कम करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया. इसके साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले में चलने वाली सभी स्कूल बसों की फिटनेस की सघन जांच करने का अहम निर्णय लिया गया. पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से आरसीडी और एनएच द्वारा अपने अधीन आने वाली सड़कों के किनारे लगाये जाने वाले पौधों की एक विस्तृत सूची जल्द ही डीएफओ को उपलब्ध कराने की बात कही गयी.

उपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक सरकारी या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता के अमूल्य जीवन से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मामला है. इसलिए इस कार्य में किसी भी विभाग या अधिकारी की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और दोषियों की जवाबदेही तय की जायेगी.

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