शानदार! 11 साल की छात्रा अबतक लिख चुकी है तीन किताबें
डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला की 11 वर्षीय छात्रा आरोही खंडेलवाल ने तीन किताबें लिखकर एक नया इतिहास रच दिया है. उसकी तीसरी पुस्तक ‘हर कहानी एक शिक्षा’ के विमोचन पर डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या माधवी पांडे ने वंदना सभा में उसे सम्मानित कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. रूपेश और सीमा खंडेलवाल की पुत्री आरोही पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना 2-3 घंटे लेखन को देती हैं और उसकी असाधारण प्रतिभा के लिए उसे ‘एपीजे अब्दुल कलाम अवॉर्ड 2026’, ‘रेडिएंट बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के तहत अखिल भारतीय प्रतिभा सम्मान, और ‘मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कारों व सर्वश्रेष्ठ लेखिका के खिताब से नवाजा जा चुका है.
मात्र आठ साल की उम्र से लिखना शुरू करने वाली आरोही की किताबों में बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा और प्रेरणादायक सामाजिक संदेश होते हैं और वर्तमान में अपनी चौथी किताब पर काम कर रही. इस नन्ही लेखिका की सफलता पर गर्व जताते हुए उनके माता-पिता ने कहा कि आरोही ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो उम्र कोई मायने नहीं रखती.
