गुमला

पेट दर्द है कहकर कमरे में रुकी और लगा ली फांसी, भरनो कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की घटना

गुमला स्थित भरनो के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के छात्रावास में रहने वाली 10 वीं की छात्रा ने छात्रावास में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना सुबह  6 बजे की है. सूचना मिलने पर थानेदार संतोष कुमार सिंह और पुलिस टीम विद्यालय पहुंचे और शव को कब्जे में कर छानबीन में जुटे हैं. मृतका बूढ़ीपाठ गांव निवासी चैतु उरांव की पुत्री मोनिका कुमारी 15 वर्ष है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रावास में कुल 27 कमरे हैं. मृतका दूसरे मंजिल पर कमरा नंबर 23 में रहती थी. इस कमरे में कुल 15 छात्राएं रहती है. आज सुबह विद्यालय की सभी छात्राएं पीटी करने ग्राउंड पर निकली थी. परंतु मोनिका कमरे में रह गई. उसने सहेलियों से कहा कि उसका पेट दर्द कर रहा है. इसलिए पीटी में नहीं जायेंगे. जब ग्राउंड में छात्राओं की गिनती हुई तो मोनिका अनुपस्थित थी ।फिर शिक्षिका ने उसकी सहेलियों को उसे बुलाने भेजा. जब अन्य छात्राएं उसके कमरे में गई तो दरवाजा अंदर से बंद था और कुछ गिरने की आवाज आई. सभी छात्राओं ने मिलकर लात मारकर दरवाजा खोला तो देखा मोनिका फंदे से दुपट्टा के सहारे लटक गई है. तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. फिर विद्यालय में छात्राओं ने शोर मचाया.

इधर मृतका के माता ,पिता भी विद्यालय पहुंचे और दहाड़ मारकर रोने लगे. पिता ने कहा कि उसकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है. उसने घर पर किसी प्रकार की कोई बात नहीं बताई थी. अगर पेट दर्द होगा तो फांसी क्यों लगाएगी. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया. इस घटना आग की तरह फैल गई और प्रशासन तक पहुंची. सूचना पाकर एसडीओ अखिलेश कुमार, डीईओ कविता खलखो,बीडीओ अरुण कुमार सिंह,पीपीओ सूरज लकड़ा,पीआरपी समीम एजाज भी विद्यालय पहुंचे. पदाधिकारियों ने विद्यालय में सभी छात्राओं के साथ बैठक कर घटना के संबंध में जानकारी ली. 

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