राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर झारखंड कांग्रेस की बड़ी मांग, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माणिकराव ठाकरे ने राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की शनिवार को मांग की. झारखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा कथित तौर पर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किए जाने के बावजूद न तो भाजपा और न ही उत्तर प्रदेश सरकार ने किसी की जवाबदेही तय की है.
ठाकरे ने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है. गोवा, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली के लिए कांग्रेस के प्रभारी ठाकरे ने मंदिर ट्रस्ट के गठन से अब तक के खातों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की. उन्होंने ट्रस्ट की संरचना पर भी सवाल उठाते हुए इसमें प्रतिष्ठित और स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करके इसका पुनर्गठन करने की मांग की.
उन्होंने कहा कि अगर कोई अनियमितता नहीं हुई है, तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से क्यों डर रही है? जब पूरा ट्रस्ट सवालों के घेरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ ही कार्रवाई क्यों हो रही है? क्या ‘डबल इंजन’ की सरकार बड़े दोषियों को बचा रही है? ठाकरे ने यह मांग भी की कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रस्ट के गठन और उसके प्रशासनिक पर्यवेक्षण में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की भूमिका पर जवाब दें. ट्रस्ट ने 22 जनवरी, 2024 को हुए रामलला के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये और उसी वर्ष बाद में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए.
